NEET UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक का मामला अब और गंभीर हो गया है. मामले में केरल के एक एमबीबीएस स्टूडेंट का नाम सामने आया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक स्टूडेंट ने अपनी पीजी संचालक पिता को गेस पेपर भेजा था, जिसमें 600 अंकों के सवाल परीक्षा में आए प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे. इस पूरे विवाद की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है. सीबीआई जल्द ही इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू करेगी. इससे पहले मामले की जांच राजस्थान पुलिस की SOG यानी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के पास थी. अब तक इस केस में 45 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.
जांच में सामने आया है कि पूरा विवाद एक कथित गेस पेपर से शुरू हुआ, जिसके करीब 150 सवाल असली परीक्षा के प्रश्नपत्र वाले सवालों से हूबहू मेल खाते बताए जा रहे हैं. दावा है कि ये सवाल करीब 600 अंको के थे, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस मामले में केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे MBBS छात्र का नाम सामने आया है. आरोप है कि छात्र ने 2 मई को अपने पिता को मोबाइल मैसेज के जरिए 'गेस पेपर' भेजा था. मैसेज में कथित तौर पर लिखा था कि- अपने हॉस्टल की लड़कियों को दे दीजिएगा, यही पेपर कल आएगा. बताया जा रहा है कि आरोपी का पिता एक पीजी हॉस्टल चलाता है और उसने यह गेस पेपर हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के बीच शेयर कर दिया.
सूत्रों के मुताबिक राजस्थान एसओजी को इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) से इनपुट मिले थे, जिसके बाद देहरादून, सीकर और झंझनू में कार्रवाई की गई. जांच में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनमें सीकर के एक नामी कोचिंग संस्थान से जुड़े करियर काउंसलर भी शामिल बताए जा रहे हैं. एजेंसियों को शक है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही कथित 'गेस पेपर' चुनिंदा छात्रों तक पहुंचा दिया गया था.
राजस्थान एसओजी की शुरूआती जांच में सामने आया है कि कथित 'गेस पेपर' में 410 प्रश्न थे. इनमें से लगभग 150 सवाल असली परीक्षा में पूछे गए थे. दावा किया जा रहा है कि बॉयोलॉजी के सभी 45 सवाल भी उसी गेस पेपर से मेल खाते थे. कई सवाल बिना 'कॉमा' और 'फुलस्टॉप' बदले हूबहू पाए गए. बता दें कि नीट यूजी परीक्षा कुल 720 अंको की होती है और हर सवाल चार अंक का होता है. ऐसे में 600 नंबर के सवालों का मैच होना बेहद गंभीर माना जा रहा है.
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कथित गेस पेपर का लिंक इसी एमबीबीएस छात्र से जुड़ रहा है. वहीं, अब एनटीए की परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था और प्रिंटिंग प्रोटोकॉल पर भी सवाल उठ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी गई है.