पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कुर्सी संभालते ही अपने चुनावी वादों को पूरा करना शुरू दिया है. इसी क्रम में सुवेंदु सरकार ने सबसे पहले सड़क किनारे नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है. इस बात की जानकारी बीजेपी विधायक अर्जुन सिंह ने देते हुआ कहा कि अब सड़कों पर प्रार्थना करने की इजाजत नहीं होगी.
सुवेंदु सरकार ने कुर्सी संभालते ही कई सख्त निर्देश जारी किए है. जिसमें बांग्लादेश के साथ बॉर्डर फेंसिंग और सड़क पर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला काफी चर्चे में है. इसके अलावा भी कैबिनेट की पहली बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं.
बीजेपी के मंत्री अर्जुन सिंह ने सुवेंदु सरकार के इन फैसलोंके बारे में बताते हुए कहा कि सीएम द्वारा यह निर्देश कैबिनेट बैठक के दौरान दिया गया है. उन्होंने बताया कि नए निर्देश के मुताबिक किसी भी हाल में सड़कों पर नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं होगी. नमाज पढ़ने के लिए पास के मस्जिदों में जाना पड़ेगा.
पश्चिम बंगाल में सड़क पर नमाज को लेकर कई बार विवाद देखा गया है. पिछली ईद के दौरान भी रक्षा मंत्रालय के अंडर आने वाले रेड पर नमाज पढ़ने के कारण विवाद बढ़ गया था. उस समय सेना की ओर से पहले सड़क पर नमाज पढ़ने से मना किया गया था हालांकि बाद में धीरे-धीरे बदलाव करते हुए सड़क पर नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी गई.
सुवेंदु सराकर ने अपनी पहली बैठक में ही कई सख्त निर्देश देते हुए बंगाल की जनता को यह साफ संदेश दिया है कि राज्य में कोई अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. इससे पहले बीजेपी की ओर से कहा गया था कि पशु तस्करी और पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जीएगी.
बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार यह वादा किया था कि राज्य में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. किसी भी हाल में मवेशी तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि आने वाले समय के साथ ही यह साफ हो पाएगा कि सुवेंदु अपने वादों पर कितना खड़े उतरते हैं, हालांकि कई लोगों ने उनको यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह बताया है.