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India Daily

'दिल्ली में लोकतंत्र की हत्या...,' राहुल गांधी को हिरासत में लेने पर बोले CM विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कझगम प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे लोकतंत्र विरोधी कदम बताते हुए NEET व्यवस्था समाप्त करने और शिक्षा को फिर से राज्य सूची में शामिल करने की मांग दोहराई.

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Edited By: Shanu Sharma
'दिल्ली में लोकतंत्र की हत्या...,' राहुल गांधी को हिरासत में लेने पर बोले CM विजय
Courtesy: ANI

नई दिल्ली में NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हुए विपक्षी प्रदर्शन के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर तमिलगा वेट्री कझगम प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार की आलोचना की है. 

विजय ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं कही जा सकती. विजय ने सामाजिक मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि युवाओं और छात्रों के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन में शामिल नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.

विपक्ष के प्रदर्शन को TVK का पूरा समर्थन

विजय ने कहा कि उनकी पार्टी संसद परिसर में विपक्षी दलों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का पूरा समर्थन करती है. उनका कहना था कि नीट परीक्षा को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच लंबे समय से असंतोष है और इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर राजनीति करने के बजाय स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है.

इसी कारण उनकी पार्टी लगातार NEET व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठाती रही है. टीवीके प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का रुख शुरू से ही नीट परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने का रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल चुनावी लाभ के लिए ऐसे मुद्दों पर झूठे वादे नहीं करेगी. उनका यह बयान तमिलनाडु की राजनीति में चल रही बहस के बीच अहम माना जा रहा है. विजय ने कहा कि नीट का सबसे अधिक असर छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ा है, इसलिए इस विषय पर गंभीर और व्यावहारिक समाधान जरूरी है.

शिक्षा को राज्य सूची में लाने की मांग

विजय ने कहा कि यदि वास्तव में NEET जैसी केंद्रीकृत परीक्षाओं को समाप्त करना है तो शिक्षा को दोबारा राज्य सूची में शामिल किया जाना चाहिए. उनके अनुसार यही सबसे स्थायी और प्रभावी समाधान होगा. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि संवैधानिक या कानूनी कारणों से ऐसा तुरंत संभव नहीं है तो अंतरिम व्यवस्था के रूप में विशेष समवर्ती सूची बनाई जाए. इसके तहत राज्यों को चिकित्सा शिक्षा सहित शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अधिकार दिए जाएं. विजय ने कहा कि उनकी पार्टी इस विचार को अपने गठन के शुरुआती दौर से ही सार्वजनिक रूप से रखती रही है और शिक्षा के अधिकार राज्यों को सौंपने की पक्षधर है.