क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के लंबे समय से जारी अनशन को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि देश को सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवश्यकता है और उनकी जान किसी भी आंदोलन से अधिक मूल्यवान है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वांगचुक के अनशन खत्म करने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा.
दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इतने लंबे समय तक भोजन न करने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने आग्रह किया कि वांगचुक अपनी जान जोखिम में न डालें और अनशन समाप्त करें. दीपके के मुताबिक, आंदोलन की मूल मांगों को लेकर प्रदर्शन बिना रुके जारी रहेगा और समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे.
We request @Wangchuk66 sir to end his hunger strike. The country needs him, and his life is far too precious to be put at further risk.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 22, 2026
The peaceful protest at Jantar Mantar will continue until our demands are met. pic.twitter.com/rCfygpuCH6
अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि सोनम वांगचुक अनशन समाप्त भी कर देते हैं, तब भी प्रदर्शन वापस नहीं लिया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन चलता रहेगा. साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे आंदोलन या देश की छवि को नुकसान पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के अहिंसक सिद्धांतों के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा.
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने अनशन के बीच सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाया, जिससे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ. याचिकाकर्ता ने अदालत से शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है.