नई दिल्ली: देश के बड़े शहरों में बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम और संकरी गलियों के कारण समय पर मरीज तक एंबुलेंस पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया है. इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार अब दोपहिया सड़क एंबुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए मसौदा अधिसूचना जारी की है. इससे पहली बार बाइक एंबुलेंस को कानूनी पहचान और संचालन के लिए राष्ट्रीय स्तर के मानक मिलेंगे.
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार दोपहिया एंबुलेंस को विशेष श्रेणी के वाहन के रूप में मान्यता दी जाएगी. इनके निर्माण, पंजीकरण, सुरक्षा मानकों और संचालन के लिए एक समान नियम लागू होंगे. इससे देशभर में बाइक एंबुलेंस सेवाओं का संचालन व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा. अभी तक इस तरह की सेवाओं के लिए कोई राष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था मौजूद नहीं थी.
विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना, हार्ट अटैक या अन्य गंभीर स्थिति में शुरुआती एक घंटा यानी 'गोल्डन आवर' सबसे अहम होता है. बाइक एंबुलेंस ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों, ग्रामीण क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में पारंपरिक एंबुलेंस से पहले पहुंचकर मरीज को प्राथमिक उपचार दे सकेगी. इससे गंभीर मरीजों की जान बचने की संभावना बढ़ जाएगी.
प्रस्तावित एआईएस-209 (भाग-1) 2026 मानक के अनुसार बाइक एंबुलेंस में मरीज को ले जाने वाली विशेष यूनिट, प्राथमिक जीवन रक्षक उपकरण, आपात चेतावनी लाइट और सुरक्षित रोगी परिवहन प्रणाली होगी. वाहन की स्थिरता, ब्रेकिंग क्षमता, पीछे की दृश्यता, सुरक्षित कपलिंग और मौसम से सुरक्षा जैसे मानकों को भी अनिवार्य बनाया जाएगा.
हैदराबाद, गोवा, केरल, कर्नाटक समेत कुछ राज्यों में सीमित स्तर पर बाइक एंबुलेंस सेवाएं पहले से संचालित हो रही हैं. इनका उपयोग ट्रैफिक जाम, धार्मिक आयोजनों, समुद्री तटीय क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक चिकित्सा पहुंचाने के लिए किया जाता है. हालांकि अब तक इनके संचालन के लिए कोई एकीकृत राष्ट्रीय मानक नहीं था.
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस, थाईलैंड, ब्राजील, ईरान, मलावी और फिलीपींस जैसे देशों में मोटरसाइकिल एंबुलेंस वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं. अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में इन्हें कम लागत, तेज प्रतिक्रिया और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के लिए प्रभावी आपात सेवा माना गया है. भारत में भी यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.