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मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक! चीन को घेरने के लिए इस परियोजना को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में 1,637 किलोमीटर लंबा अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे बनाने के लिए 28,229 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. यह हाईवे भारत-चीन सीमा पर स्थित 12 जिलों को जोड़ने वाला एक रणनीतिक और विकासात्मक परियोजना है. यह कदम चीन की आक्रामकता का मुकाबला करने और सीमावर्ती राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने के उद्देश्य से उठाया गया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक! चीन को घेरने के लिए इस परियोजना को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में 1,637 किलोमीटर लंबा अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे बनाने के लिए 28,229 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. यह हाईवे भारत-चीन सीमा पर स्थित 12 जिलों को जोड़ने वाला एक रणनीतिक और विकासात्मक परियोजना है. यह कदम चीन की आक्रामकता का मुकाबला करने और सीमावर्ती राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने के उद्देश्य से उठाया गया है.

40,000 करोड़ होंगे खर्च
अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे की कुल लागत लगभग 40,000 करोड़ रुपये है, और यह परियोजना भारत-तिब्बत-चीन-म्यांमार सीमा के पास बनाई जाएगी. हाईवे का निर्माण LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) के बहुत नजदीक होगा, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित है. यह हाईवे बॉमडिला से शुरू होकर नफरा, हुरी और मोनिगोंग जैसे शहरों से गुजरते हुए म्याकमोन लाइन के पास, विजयनगर तक पहुंचेगा, जो भारत-म्यांमार सीमा के करीब स्थित है.

1,683 गांवों को जोड़ने का लक्ष्य

इस परियोजना के जरिए 1,683 गांवों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, और यह हाईवे 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. यह न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी यातायात और व्यापार के अवसर बढ़ाएगा.

BRO द्वारा हाईवे पर कार्य प्रगति पर
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के मुख्य अभियंता और प्रोजेक्ट ब्रह्मांक के प्रमुख, सुभाष चंद्र लुनिया ने इस परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि अरुणाचल फ्रंटियर नेशनल हाईवे-913 के 198 किलोमीटर के खंड (ततो-तुतिंग) पर निर्माण कार्य जारी है.

उन्होंने यह भी बताया कि 2014 के बाद से, BRO के कार्यों के लिए बजट दोगुना कर दिया गया है, जो सड़क निर्माण और रख-रखाव के कार्यों को बढ़ावा देता है. लुनिया ने कहा कि ब्रह्मांक परियोजना के तहत अरुणाचल प्रदेश के सियांग, अपर सियांग, वेस्ट सियांग और शी-योमी जिलों में सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, साथ ही असम के धेमाजी जिले में चार सड़कों की मरम्मत भी की जा रही है.