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BJP Councilor Suicide Case: दफ्तर में फंदे पर लटका मिला भाजपा पार्षद का शव, आत्महत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

तिरुवनंतपुरम में भाजपा पार्षद के. अनिल कुमार का शव उनके कार्यालय में फांसी से लटका मिला. शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है. वे सहकारी समिति से जुड़े वित्तीय संकट के कारण परेशान थे. रिपोर्टों में सुसाइड नोट मिलने का दावा किया गया है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
BJP Councilor Suicide Case: दफ्तर में फंदे पर लटका मिला भाजपा पार्षद का शव, आत्महत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
Courtesy: Grok

BJP Councilor Suicide Case: तिरुवनंतपुरम से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नगर निगम पार्षद के. अनिल कुमार का शव आज सुबह उनके दफ्तर में फांसी से लटका मिला. घटना शनिवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है. पुलिस ने मामले को आत्महत्या का संदिग्ध मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, अनिल कुमार तिरुमाला वार्ड से भाजपा पार्षद थे और साथ ही एक सहकारी समिति का संचालन भी करते थे. बताया जा रहा है कि समिति से जुड़े वित्तीय संकट के कारण वे कुछ समय से परेशान चल रहे थे. स्थानीय लोगों ने सुबह उन्हें कार्यालय में देखा था, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी मौत की खबर फैल गई.

सुसाइड नोट बरामद 

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें भाजपा नेताओं को लेकर कुछ टिप्पणियां लिखी गई हैं. हालांकि, पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि करने से इनकार किया है. एक अधिकारी ने कहा कि जांच के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जाएगी.

वित्तीय मामलों से चिंतित

भाजपा जिला अध्यक्ष वीवी राजेश ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि अनिल कुमार सहकारी समिति के वित्तीय मामलों से बेहद चिंतित थे. उन्होंने बताया कि समिति से कई लोगों ने कर्ज लिया था लेकिन रकम लौटाने में नाकाम रहे. इसके चलते अनिल कुमार पर दबाव और मानसिक तनाव बढ़ गया था. हालांकि, जब उनसे सुसाइड नोट में नेताओं के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

मामले की गहन जांच जारी

पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाएगा. घटना ने स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है. लोग इस दुखद घटना से आहत हैं और पार्षद की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. सहकारी समिति के वित्तीय संकट और अन्य संभावित कारणों की जांच भी पुलिस कर रही है.