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India Daily

'भारत का युवा किसी के हाथ की कठपुतली बनकर...', नितिन नवीन ने कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा निशाना, जानें क्या कहा?

दिल्ली में परीक्षा विवादों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि भारत का युवा किसी के इशारे पर नहीं चलेगा और लोकतांत्रिक दायरे में रहकर अपनी बात रखेगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'भारत का युवा किसी के हाथ की कठपुतली बनकर...', नितिन नवीन ने कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा निशाना, जानें क्या कहा?
Courtesy: X

हाल के परीक्षा विवादों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. युवा नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे. प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने रांची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस आंदोलन और उससे जुड़े संदेशों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने युवाओं की भूमिका, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण को लेकर अपनी बात रखी.

युवाओं को लेकर भाजपा का संदेश

रांची में आयोजित ‘इंटेलेक्चुअल्स मीट’ कार्यक्रम में बोलते हुए नितिन नवीन ने कहा कि भारत का युवा देश के विकास और अपने भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहता है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग युवाओं को व्यवस्था विरोधी सोच से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग है. उनके अनुसार, देश के युवा नवाचार, मेहनत और सकारात्मक बदलाव के लिए जाने जाते हैं. भाजपा नेता ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को नकारात्मक राजनीति की ओर मोड़ने के प्रयास सफल नहीं होंगे क्योंकि नई पीढ़ी अपने लक्ष्य और जिम्मेदारियों को समझती है.

‘कठपुतली’ वाली टिप्पणी बनी चर्चा का विषय

अपने भाषण के दौरान नितिन नवीन ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग विदेश में बैठकर भारत के युवाओं की दिशा तय करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि देश का युवा किसी के हाथ की कठपुतली बनकर आगे नहीं बढ़ेगा. यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सात दिन की समय-सीमा तय की है. भाजपा नेता ने कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं का सम्मान भी उतना ही जरूरी है. उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा मिल रही है.

युवा देश की सबसे बड़ी ताकत

भाजपा नेता ने अपने संबोधन में देश के युवाओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और नई सोच की बदौलत देश में लगभग दो लाख स्टार्टअप खड़े हुए हैं. उनके अनुसार, भारत वैश्विक स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि देश की नई पीढ़ी अवसरों का लाभ उठाकर नई संभावनाएं तैयार कर रही है. यही वजह है कि भारत के युवाओं को केवल विरोध की राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जा सकता. उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया.

प्रदर्शन के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रियाओं और युवाओं की चिंताओं को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है. दूसरी ओर, इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. नितिन नवीन ने कहा कि पड़ोसी देशों में देखने को मिले व्यवस्था विरोधी अभियानों जैसी स्थिति भारत में नहीं बन सकती क्योंकि यहां का युवा अनुशासन और लोकतंत्र में विश्वास रखता है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की जगह हमेशा रहेगी लेकिन उसका स्वरूप रचनात्मक होना चाहिए. अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारियों की मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया के बीच आगे क्या दिशा निकलती है.