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रेस्टोरेंट में खराब खाना मिला तो ओनर पर क्या कार्रवाई होगी? FSSAI के नियम समझें

बेंगलुरु की हालिया छापेमारी से साफ है कि कई होटल अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मालिकों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. खाद्य सुरक्षा कानून इसलिए बनाए गए हैं ताकि लोग सुरक्षित और साफ खाना खा सकें.

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Edited By: Antima Pal
रेस्टोरेंट में खराब खाना मिला तो ओनर पर क्या कार्रवाई होगी? FSSAI के नियम समझें
Courtesy: X

Bengaluru Restaurant Raid: बेंगलुरु में होटल और रेस्तरां पर छापेमारी के दौरान कई जगहों पर खराब और असुरक्षित खाना मिला है. एक्सपायर्ड पनीर, बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल, फफूंद लगा कटलेट और सड़ा हुआ चिकन-बीफ जैसी चीजें पकड़ी गईं. इससे पहले शहर के कई फाइव स्टार होटल्स में भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी, लेकिन मालिकों पर कोई खास असर नहीं पड़ा. वे सतर्क नहीं हुए. ऐसे मामलों में रेस्तरां मालिक को क्या सजा और जुर्माना हो सकता है, आइए आसान भाषा में समझते हैं.

रेस्टोरेंट में खराब खाना मिला तो ओनर पर क्या कार्रवाई होगी? 

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम यानी FSSAI 2006 के तहत सड़ा या असुरक्षित खाना परोसना गंभीर अपराध माना जाता है. जुर्माना एक लाख से शुरू होकर दस लाख रुपये तक हो सकता है. जेल की सजा छह महीने से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है. यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि अपराध कितना गंभीर है. सिर्फ स्वाद खराब होने से कोई जुर्म नहीं बनता. कार्रवाई तब होती है जब खाना वास्तव में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो. अगर किसी ग्राहक को बीमारी हो जाए या मौत हो जाए तो सजा और भी कठोर हो सकती है.

बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल भी खतरनाक

अगर खाने में बदबू आ रही हो, रंग असामान्य हो, फफूंद लगी हो, कीड़े हों, सब्जी गल चुकी हो या खाना बहुत पुराना और गलत तापमान पर रखा गया हो तो उसे असुरक्षित माना जा सकता है. बासी खाना हर बार गैरकानूनी नहीं होता, लेकिन अगर उससे संक्रमण का खतरा हो या स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचे तो वह अपराध बन जाता है. बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल भी खतरनाक होता है. गंदी रसोई, खुले कूड़ेदान, मक्खियां-चूहे, गंदा पानी और बिना ढके रखे खाद्य पदार्थ भी जांच का आधार बन सकते हैं.

गंदी जगह पर खाना बनाने पर एक लाख रुपये जुर्माना

अस्वच्छ रसोई के मामले में FSSAI की धारा 56 लागू होती है. गंदी जगह पर खाना बनाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इसके लिए किसी को बीमार पड़ना जरूरी नहीं है. सिर्फ साफ-सफाई की कमी ही काफी है. रसोई में कीड़े, गंदे बर्तन, सड़ा स्टॉक या खुला मांस-सब्जी रखना नियम तोड़ना माना जाता है.

असुरक्षित खाना परोसने पर छह महीने तक की जेल हो सकती है. अगर रेस्तरां के पास FSSAI लाइसेंस ही नहीं है तो छह महीने तक जेल और पांच लाख रुपये तक जुर्माना लग सकता है.

बेंगलुरु की हालिया छापेमारी से साफ है कि कई होटल अभी भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मालिकों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. खाद्य सुरक्षा कानून इसलिए बनाए गए हैं ताकि लोग सुरक्षित और साफ खाना खा सकें. रेस्तरां मालिकों को चाहिए कि वे नियमित रूप से स्टॉक चेक करें, रसोई साफ रखें और एक्सपायर्ड सामान तुरंत हटाएं. सिर्फ जुर्माने के डर से नहीं, बल्कि ग्राहकों के भरोसे के लिए भी यह जरूरी है.

ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां सैंपल लेती हैं और लैब रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करती हैं. अगर खाना असुरक्षित पाया गया तो लाइसेंस भी रद्द हो सकता है. बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में होटल उद्योग बहुत बड़ा है, इसलिए नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए. ग्राहक भी सतर्क रहें और किसी संदेह पर शिकायत दर्ज कराएं.