लद्दाखी कार्यकर्ता और समाजसेवी सोनम वांगचुक ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन का समर्थन किया है. अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली CJP ने चेतावनी दी है कि यदि CEC पद से नहीं हटते हैं, तो वे 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे.
सोनम वांगचुक ने कहा कि जब नीट (NEET) पेपर लीक के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के समय CJP "कमजोर" थी, तब उन्होंने उनका पूरा साथ दिया था. अब यह संगठन एक मजबूत आवाज बन चुका है और उन्हें उम्मीद है कि यह आवाज देश में चुनाव प्रक्रिया की जवाबदेही को झकझोरने का काम करेगी.
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वह शायद शारीरिक रूप से इस प्रदर्शन में भाग न ले सकें, लेकिन उनका नैतिक समर्थन हमेशा रहेगा. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया देश की सबसे बड़ी जरूरत है और चुनाव प्रणाली में सुधार लाने के हर प्रयास का समर्थन किया जाना चाहिए. उन्होंने 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती होने के कारण एक अत्यंत पवित्र दिन बताया.
VIDEO | Delhi: "Clean election process is the biggest need of the country, and I fully support it. I cannot personally take part in every movement, but I give my initial support. I gave full support to CJP at Jantar Mantar when they were weak. Now they have a strong voice, and I… pic.twitter.com/KNwWqU96a2
— Press Trust of India (@PTI_News) September 27, 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ यह विरोध एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार अपनी असहमति दर्ज कराई थी. हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि SIR से जुड़े सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे.