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'खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को चुनाव जिताना चाहती है सरकार?', आखिर क्यों किया जा रहा है ये दावा

Khalistani leader Amritpal Singh: 2024 के लोकसभा चुनावों की वोटिंग पूरी हो चुकी है और अब नतीजे आने में कुछ घंटों का ही समय रह गया. इस बीच जहां मीडिया हाउसेज एग्जिट पोल पर बात करने में बिजी हैं तो वहीं कुछ विशेषज्ञ कई सीटों पर अपनी भविष्यवाणी कर रहे हैं.

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Amritpal Singh
Courtesy: Social/Twitter

Khalistani leader Amritpal Singh: लोकसभा चुनावों को लेकर अलग-अलग चुनावी पंडित अपनी-अपनी भविष्यवाणी करते नजर आ रहे हैं. इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई पर भी लोकसभा चुनावों को करीब से कवर करने वाले पत्रकारों ने एक पोडकास्ट किया और पंजाब के खडूर साहिब सीट को लेकर चौंकाने वाले दावे किए.

सरकार चाहती है कि खालिस्तानी समर्थक नेता को मिले जीत?

पंजाब के खडूर साहिब सीट की बात करें तो यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खडे़ खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह को जीतने का दावेदार बताया जा रहा है. इस पॉडकास्ट में शामिल पत्रकार अशोक राज ने दावा किया कि वहां के लोगों का मानना है कि सरकार जानबूझकर चाहती है कि अमृतपाल सिंह को यहां से जीत मिले.

उन्होंने कहा,'खडूर साहिब से अमृतपाल सिंह जीत रहे हैं, क्योंकि अगर नहीं जीतेंगे तो कुछ लोगों को प्रताड़ित करेंगे और जीतेगा इसलिए क्योंकि जनता उनसे कनेक्टेड है. हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि उन्हे एजेंसी जिताना चाह रही है, एजेंसी यानि सरकार, वो भी इस वजह से जिताना चाहती ताकि पाकिस्तान समर्थक लोगों की संख्या न बढ़े, अगर हम उन्हें मुख्य धारा से नहीं जोड़ेंगे तो वो हमसे कटेंगे, उदाहरण के रूप में सिमरनजीत सिंह मान जिन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल में कोई भी एंटी इंडिया बयान नहीं दिया है. यही वजह है कि सरकार उन्हें मुख्य धारा में शामिल कर एंटी इंडिया सोच से हटाना चाहती है.'

पिछले एक साल से असम की जेल में बंद हैं अमृतपाल

अमृतपाल सिंह की बात करें तो खडूर साहिब लोकसभा सीट में उनके चेहरे और चुनाव चिन्ह माइक्रोफोन वाले पोस्टर हर नुक्कड़-चौराहे पर देखने को मिल जाएंगे. इतना ही नहीं स्थानीय लोग भी सोशल मीडिया हो या फिर स्थानीय सभाएं, बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं. अमृतपाल सिंह की बात करें तो वो फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. 

उल्लेखनीय है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अमृतपाल सिंह और उनके संगठन 'वारिस पंजाब दे' के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत आरोप लगाए और पिछले साल एक महीने तक चलाए गए अभियान के बाद अप्रैल में पंजाब पुलिस ने मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार किया. उनके खिलाफ कम से कम 12 आपराधिक मामले हैं.

कैसे आया चुनाव लड़ने का आइडिया

लोकसभा चुनाव में उनके लिए वोट मांगने का काम उनकी मां बलविंदर कौर कर रही हैं जो सभी रैलियों और रोड शो में सबसे आगे नजर आई. अमृतपाल को लोकसभा के लिए खड़ा करने का विचार खडूर साहिब के कई सरपंचों से आया था. उनके फॉलोअर्स का मानना ​​था कि अमृतपाल को संगरूर लोकसभा सांसद और सिख कट्टरपंथी नेता सिमरनजीत सिंह मान की तरह चुनाव लड़ना चाहिए. सिमरनजीत सिंह मान को 1984 में गिरफ्तार किया गया था और इंदिरा गांधी की हत्या के सिलसिले में पांच साल की जेल हुई थी. 1989 में तत्कालीन तरनतारन सीट से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था.

चुनाव में इन मुद्दों पर जमकर हुई चर्चा

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव की कैंपेनिंग में अमृतपाल का परिवार जेल से पूर्व सिख आतंकवादियों की रिहाई, पंजाब में नशे पर लगाम और सिख पहचान की रक्षा करने के मुद्दों पर वोट मांगता नजर आया. खडूर साहिब में पोस्टर और पैम्फलेट पर अमृतपाल नीली पगड़ी और सफेद लबादा पहने हुए दिखाई दे रहे हैं. कई फॉलोअर्स ने अपने फोन पर उनका स्टिकर लगा रखा है. 

जल्लुपुर खेड़ा में उनके घर पर, कार्यकर्ता और समर्थक अपनी कार्ययोजना पर चर्चा करते नजर आए. घर पर प्रत्येक व्यक्ति को एक कार्य दिया गया है, जहां बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी को कुछ न कुछ करना है. सड़कों पर, उनके परिवार के सदस्य और समर्थक रैलियां आयोजित कर रहे हैं. आपको बता दें कि पंजाब के चुनावों में इस बार ऑपरेशन ब्लूस्टार को बड़े मुद्दे के तौर पर भुनाया गया जिसके बावजूद कांग्रेस को अच्छा खासा वोट मिलता नजर आ रहा है.

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