नई दिल्ली: पाकिस्तान सरकार ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बॉयकॉट करने का फैसला किया है, जिसको लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. अब इस मुद्दे पर पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर दानिश कनेरिया ने खुलकर नाराजगी जताई है.
उनका मानना है कि यह फैसला न सिर्फ तर्कहीन है, बल्कि इससे पाकिस्तान क्रिकेट कमजोर और डरा हुआ नजर आता है. कनेरिया के बयान ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है.
दानिश कनेरिया ने कहा कि पाकिस्तान पहले ही भारत में खेलने से इनकार कर चुका था, जिसे आईसीसी ने मान लिया था. इसके बाद सभी मैच तटस्थ स्थल पर तय किए गए. भारत-पाकिस्तान का मुकाबला श्रीलंका में होना था, ऐसे में मैच से हटने का कोई ठोस कारण नहीं बचता. उनके मुताबिक, यह फैसला समझ से परे है और इससे पाकिस्तान की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं.
कनेरिया का मानना है कि इस फैसले से दुनिया भर में गलत संदेश गया है. लोगों को लग सकता है कि पाकिस्तान भारत का सामना करने से डर रहा है. उन्होंने कहा कि क्रिकेट मैदान पर मुकाबला न करके पाकिस्तान ने खुद अपनी छवि को नुकसान पहुंचाया है, जो लंबे समय तक असर डाल सकता है.
पूर्व स्पिनर ने चेतावनी दी कि इस बहिष्कार से पाकिस्तान की सेमीफाइनल या नॉकआउट में पहुंचने की राह और कठिन हो गई है. अंक तालिका और नेट रन रेट पर इसका सीधा असर पड़ेगा. कनेरिया ने इसे एक बड़ी रणनीतिक गलती बताया, जो टीम को टूर्नामेंट से बाहर भी कर सकती है.
कनेरिया ने भारत-पाकिस्तान राइवलरी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हाल के मैचों में भारत हर बार पाकिस्तान पर भारी पड़ा है. ऐसे में अगर इसे केवल कमाई का जरिया माना जा रहा है, तो यह सोच गलत है. भारत इस समय ब्रांड क्रिकेट खेल रहा है, जबकि पाकिस्तान पीछे छूटता दिख रहा है.
कनेरिया के अनुसार, यह फैसला भावनाओं में लिया गया है, खासकर बांग्लादेश के मुद्दे को लेकर. उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में भारत से सेमीफाइनल या फाइनल में सामना हुआ, तो क्या पाकिस्तान ट्रॉफी छोड़ देगा. मैदान पर लड़कर जीतना ही असली जवाब होता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई खिलाड़ी नाखुश होंगे, लेकिन खुलकर बोल नहीं सकते.