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BrahMos का इंजीनियर ही कर रहा था देश से गद्दारी, पाकिस्तान के लिए काम करने की मिली तगड़ी सजा

Spying For Pakistan: ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व इंजीनियर को देश विरोधी गतिविधियों के कारण आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. इंजीनियर पर आरोप है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारियां लीक की थीं.

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Nishant
Courtesy: Social Media

Spying For Pakistan: नागपुर जिला न्यायालय ने सोमवार को ब्रह्मोस मिसाइल के पूर्व इंजीनियर को सजा सुनाई है. कोर्ट ने निशांत अग्रवाल नाम के शख्स को सरकारी गोपनीयता एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है. निशांत के ऊपर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने का आरोप है. कोर्ट ने अपने निर्णय में निशांत को 14 साल कठिन कारावास की सजा भी मुकर्रर की है साथ ही 3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. 

अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एमवी देशपांडे ने अपने आदेश में कहा कि अग्रवाल को आईटी अधिनियम की धारा 66 (एफ), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (ओएसए) की विभिन्न धाराओं  और दंडनीय अपराध के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 235 के तहत दोषी ठहराया गया है. 

छह साल पहले हुई थी गिरफ्तारी 

रिपोर्ट के अनुसार, अग्रवाल ब्रह्मोस मिसाइल के टेक्निकल रिसर्च स्टेशन, नागपुर में काम कर रहे थे. उन्हें साल 2018 में महाराष्ट्र  और उत्तर प्रदेश की आतंकवाद विरोधी दस्ता ATS की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्त किया था. पूर्व ब्रह्मोस इंजीनियर पर भारतीय दंड संहिता और गोपनीयता अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था.नागपुर में काम के दौरान उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम जानकारियां दी और देशविरोधी गतिविधियां की. 

देश विरोधी तत्वों को भेज रहा था जानकारी 

ब्रह्मोस एयरोस्पेस डीआरडीओ और रूस की मिलिट्री इंडस्ट्रियल कंसोर्टियम का ज्वांइट प्रोग्राम है. यह भारत में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के विकास और निर्माण को लेकर काम करता है. इन मिसाइलों को जमीन, हवा, समुद्र और पानी के नीचे से भी फायर किया जा सकता है. निशांत अग्रवाल मेधावी इंजीयनियर था. निशांत को DRDO के यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया था. वह एनआईटी कुरुक्षेत्र का छात्र रहा है. एटीएस चार्जशीट के मुताबिक, निशांत के लैपटॉप से बेहद सीक्रेट फाइल्स मिली थीं. इसके अलावा वह बेहद संवेदनशील जानकारियों को देश विरोधी तत्वों को भेज रहा था.