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'मुझे डर है कि भारत...', बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले को लेकर बोले बाबा रामदेव

Bangladesh Attacks On Hindus Temple: बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले और मंदिरों के अंदर तोड़फोड़ को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि मुझे डर है कि भारत में भी ऐसा हो सकता है, इसलिए भारत को सतर्क रहना होगा. यहां के हिंदू भाइयों, माताओं और बहनों की गरिमा दांव पर न लगे, इसलिए इसकी जरूरत है.

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'मुझे डर है कि भारत...', बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले को लेकर बोले बाबा रामदेव
Courtesy: social media

Bangladesh Attacks On Hindus Temple: योग गुरु रामदेव ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर लक्षित हमलों की निंदा की है. रामदेव ने कहा कि भारत को पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ एकजुटता से खड़ा होना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए. उन्होंने देश की हिंदू आबादी द्वारा संचालित घरों, मंदिरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लक्षित हमलों की रिपोर्टों की निंदा की.

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, योग गुरु रामदेव ने कट्टरपंथी ताकतों की ओर सेे किए गए इन 'सुनियोजित' हमलों को शर्मनाक और खतरनाक बताया और भारत से उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आह्वान किया. योग गुरु ने ANI से कहा कि मुझे डर है कि भारत को सतर्क रहना होगा ताकि हमारे हिंदू भाइयों की माताओं, बहनों और बेटियों का सम्मान और गरिमा दांव पर न लगे. पूरे देश को अपने अल्पसंख्यक हिंदू भाइयों के साथ पूरी ताकत से खड़ा होना होगा.

बाबा रामदेव बोले- हम बांग्लादेश बना सकते हैं, तो...

1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भारत की भूमिका की ओर इशारा करते हुए रामदेव ने कहा कि हमने बांग्लादेश के निर्माण में मदद की थी. अगर हम बांग्लादेश बना सकते हैं, तो हमें वहां रहने वाले हिंदुओं की रक्षा करने में अपनी ताकत दिखानी चाहिए.

पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक ने कहा कि भारत में कुछ लोग जाति, धर्म और आरक्षण के मुद्दे उठाकर अशांति भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास देश की एकता और अखंडता के लिए ख़तरा हैं. हमें इन प्रयासों का मजबूती से मुक़ाबला करना चाहिए.

चरमपंथी ताकतें राजनीतिक स्थिति का फायदा उठाकर अल्पसंख्यकों को बना रही निशाना?

रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश में चरमपंथी ताकतें उभरती राजनीतिक स्थिति का फ़ायदा उठाकर हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही हैं. देश की सेना अंतरिम सरकार बनाने की प्रक्रिया में है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक हो जाने के बाद इस्तीफ़ा देकर देश से भागना पड़ा था.

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने कहा है कि सोमवार को हसीना के भारत भाग जाने के बाद से करीब 200-300 हिंदुओं के घरों और व्यवसायों में तोड़फोड़ की गई है. समूह ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि करीब 15-20 मंदिरों पर हमला किया गया है और 40 लोग घायल हुए हैं.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जताई चिंता

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी बांग्लादेश के घटनाक्रम पर बयान देते हुए वहां हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर इसी तरह की चिंता व्यक्त की थी. उधर, इस तरह के हमलों की ओर इशारा करते हुए, पश्चिम बंगाल भाजपा नेता सुवेन्दु अधिकारी ने हाल ही में लागू किए गए नागरिकता संशोधन अधिनियम की आवश्यकता को उचित ठहराया है, जो भारत के पड़ोसी देशों से सताए गए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करता है.