रामनगरी अयोध्या में आज उत्सव का माहौल है. राम मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची हैं, उन्होंने जगतगुरु आद्य शंकराचार्य द्वार से प्रवेश किया. मंदिर में उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया है. उनके आगमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा की पूरी तैयारी की गई है. प्रशासन बिल्कुल अलर्ट मोड पर है. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं.
आज चैत्र नवरात्र का पहला दिन है और हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो रही है. राष्ट्रपति ने मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना करने वाली हैं. यह अभिजीत मुहूर्त में 11:55 पर है. स्थापित किया जा रहा यंत्र स्वर्ण जड़ित है. यह चार फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा है. कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य ने इसे दो साल पहले भेजा था, जिसका वैदिक मंत्रों के साथ पूजन किया गया. 51 वैदिक आचार्यों ने अनुष्ठान किया है.
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाएगा. विश्व में शांति का संदेश जाएगा. इस खास मौके पर माता अमृतानंदमई अम्मा एक हजार भक्तों के साथ पहुंचीं. वे राष्ट्रपति के साथ मंच साझा करेंगी. राम मंदिर के निर्माण में 6000 से ज्यादा लोगों ने योगदान दिया, आज करीब 2000 लोग शामिल हुए.
इनमें 1984 से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता भी थे, राष्ट्रपति ने उनका सम्मान किया. निधि समर्पण अभियान 2021 में चला था. इस दौरान 44 दिनों में 2500 करोड़ से ज्यादा राशि आई थी. रामनाथ कोविंद ने पहला चेक दिया था. इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने 11 लाख, मोरारी बापू ने 18 करोड़ दिए. मंदिर के निर्माण में मुकेश अंबानी ने 2.51 करोड़ समर्पित किए था.
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा की कड़ी व्यव्स्था की गई है. अयोध्या को 13 जोन और 37 सेक्टर में बांटा गया. जिसमें तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. एसपी, एएसपी, सीओ और निरीक्षक नोडल अधिकारी बने. भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक लगाई गई है. रूट डायवर्जन शाम 5 बजे तक रहने वाला है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति सुबह 11 बजे एयरपोर्ट पहुंचीं. इसके बाद उन्होंने राम लला के दर्शन किए.