नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में आज एक बड़ी समस्या सामने आई है, जहां करीब 2 लाख लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा. शहर में फिल्टर प्लांट बंद होने के कारण पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप कर दी गई है. दरअसल, काठगोदाम कॉलटैक्स के पास गेट चैंबर में लगी जालियां टूट गई थीं. इन जालियों के टूटने से नहर के जरिए आने वाला गंदा पानी और कचरा सीधे फिल्टर प्लांट तक पहुंच रहा था.
इससे प्लांट का संचालन प्रभावित हो रहा था और पानी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा था. इसी समस्या को ठीक करने के लिए जल संस्थान ने मरम्मत कार्य शुरू किया है, जिसके चलते फिल्टर प्लांट को बंद करना पड़ा.
जल संस्थान के अनुसार, गुरुवार सुबह से मरम्मत का काम शुरू किया गया है. इस काम में करीब 8 घंटे का समय लगेगा. सुबह 9 बजे से लेकर शाम तक प्लांट बंद रहेगा, जिसके कारण शहर में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी. गौला बैराज से आने वाला पानी नहर के जरिए शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट तक पहुंचता है, जहां इसे साफ कर घरों और प्रतिष्ठानों तक भेजा जाता है. लेकिन प्लांट बंद होने के कारण यह पूरी प्रक्रिया रुक गई है.
इस समस्या का असर शहर के कई इलाकों में देखने को मिलेगा. दमुवाढूंगा, बिठौरिया, कुसुमखेड़ा, चौफुला, बमौरी, ऊंचापुल, बाजार क्षेत्र और बरेली तथा रामपुर रोड से जुड़े इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूरे दिन पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है.
जल संस्थान ने लोगों को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है. विभाग के अनुसार, जिन इलाकों में ज्यादा जरूरत होगी वहां टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा. हालांकि, इतनी बड़ी आबादी के लिए टैंकरों से पूरी जरूरत पूरी करना आसान नहीं होगा.
नैनीताल के लोगों ने हाल ही में बिजली संकट का सामना किया था. तेज आंधी तूफान के कारण बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे दो दिन तक शहर में बिजली और पानी दोनों की समस्या बनी रही. हालांकि, मरम्मत के बाद बिजली सप्लाई सामान्य हो गई थी और पानी की आपूर्ति भी पटरी पर लौट आई थी. लेकिन अब एक बार फिर से पानी की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
जल संस्थान के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे पहले से पानी स्टोर करके रखें, ताकि दिनभर की जरूरत पूरी हो सके. अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही सप्लाई फिर से शुरू कर दी जाएगी.