केरल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बीजेपी ने गुरुवार को अपनी दूसरी सूची जारी करते हुए 39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. इससे पहले पार्टी 47 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी है. इस बार पार्टी ने कई नए चेहरों को मौका दिया है. नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में इन नामों पर अंतिम मुहर लगी.
दूसरी सूची में कासरागोड से अश्विनी एमएल और मलप्पुरम से अश्वती गुप्ता कुमार को टिकट दिया गया है. इसके अलावा कन्नूर, वायनाड और पलक्कड़ जैसे इलाकों में भी नए उम्मीदवार उतारे गए हैं. पार्टी ने इस बार स्थानीय समीकरणों और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है. इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है.
केरल में मुख्य मुकाबला ले LDF और UDF के बीच माना जाता है. भाजपा अभी तक राज्य में बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई है, लेकिन इस बार पार्टी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है. एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में है, जबकि यूडीएफ वापसी के लिए जोर लगा रहा है.
2021 के विधानसभा चुनाव में पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. यह पहली बार था जब किसी गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की. वहीं यूडीएफ को 41 सीटें मिली थीं. भाजपा को उस चुनाव में निराशा हाथ लगी और वह अपनी एकमात्र सीट भी गंवा बैठी थी.
हालिया सर्वे में जनता की पसंद में बदलाव देखने को मिला है. कांग्रेस नेता वीडी सतीसन को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे ज्यादा समर्थन मिला है, जबकि पिनाराई विजयन दूसरे स्थान पर हैं. शशि थरूर और भाजपा के राजीव चंद्रशेखर भी इस सूची में शामिल हैं. इससे साफ है कि इस बार चुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है.