मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के लगभग तीन हफ्ते पूरे हो चुके हैं. हालांकि अभी भी दोनों ओर से बमबारी जारी है. इसी बीच इजरायल ने बुधवार को ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला कर दिया. इसे दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड कहा जाता है, यहां हमले से आग लग गई. हालांकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है.
ईरान की ओर से कहा गया कि खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि वह इस हमले का बदला लेकर ही मानेंगे. जंग की बढ़ती आग के लपेटे में अब ना केवल भारत बल्कि पूरा विश्व आ चुका है. वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है.
इजरायल ने बुधवार को ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया. रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका को पहले से ही इसकी जानकारी थी लेकिन उसने हिस्सा नहीं लिया. मिल रही जानकारी के मुताबिक इस हमले में असालुयेह के प्रोसेसिंग प्लांट्स, पाइपलाइंस और फेज 3, 4, 5 और 6 में आग लगी. इस हमले के कारण उत्पादन रुक गया है.
आपात टीमों को आग बुझाने के काम में लगाया गया है. इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी हमलों की चेतावनी देते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के पांच ऊर्जा ठिकानों को अपना लक्ष्य बताया है. इनमें सऊदी की SAMREF रिफाइनरी और जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, यूएई का अल होसन गैस फील्ड, कतर की रास लाफान रिफाइनरी और मेसईद कॉम्प्लेक्स शामिल हैं.
ईरान ने कहा कि आने वाले घंटों में हमले हो सकते हैं, हमले की खबर से बाजार हिल गया. वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 109-110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. यानी बुधवार को इनके दामों में मंगलवार से 5% से ज्यादा की बढ़ोतरी. यूके गैस प्राइस 6% चढ़कर 143 पेंस प्रति थर्म तक गया हालांकि इसके बाद में थोड़ा नीचे आया.
साउथ पार्स ग्लोबल गैस सप्लाई का बड़ा स्रोत है. हमले की वजह से आई रुकावट के कारण चिंता बढ़ गई है. इसके कारण भारत में भी तेल के दाम बढ़ सकते हैं. हालांकि अभी तक भारत स्थिति को नियंत्रित किए हुए है, लेकिन आने वाले समय पर इसका बुरा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकती है. कतर ने हमले की निंदा की, इसे खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया.