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पहले मौका देते, लेकिन अब... अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनके गांव के लोगों का दावा

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर उनके पुश्तैनी गांव के लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई है. केजरीवाल के गांव के लोगों का कहना है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में वो इस बार आम आदमी पार्टी को मौका देने की सोच रहे थे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद वे अब संशय में हैं.

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India Daily Live

Arvind Kejriwal: लगभग शाम हो चुकी है और सिवानी अनाज मंडी में गिरधर लाल बंसल, गांव के 5 लोगों के साथ ताश खेलने में व्यस्त हैं. गेम के दौरान चीटिंग होने पर वे किसी को डांटने लगते हैं, लेकिन जैसे ही बातचीत उनके भतीजे अरविंद केजरीवाल पर आती है, बंसल चुप हो जाते हैं. 70 साल के गिरधारी लाल बंसल, अरविंद केजरीवाल के पिता गोविंद राम के तीन भाइयों में से एक हैं. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केजरीवाल के बारे में पूछने पर गिरधारी लाल बंसल कहते हैं कि वे (अरविंद केजरीवाल) ईमानदार व्यक्ति थे और अपने सिद्धांतों के कारण सत्ता तक पहुंचे. अब वे जेल में हैं. साथ ही सिसौदिया और संजय (मनीष सिसौदिया और संजय सिंह) भी जेल में हैं. उन्होंने नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोला और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. गिरधारी लाल बंसल फिलहाल गुरुग्राम में परिवार के साथ रहते हैं. अपने घर और पैतृक जमीनों की देखभाल के लिए हर महीने बस से दिल्ली से 170 किलोमीटर दूर हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी जाते हैं.

3 साल पहले एक कार्यक्रम में आए थे गांव

बंसल का कहना है कि केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त 1968 को गांव में हुआ था, लेकिन वह कम उम्र में ही स्कूली शिक्षा के लिए हिसार चले गए. मुख्यमंत्री बनने से पहले केजरीवाल अक्सर आते थे, लेकिन सीएम का पद संभालने के बाद दौरा भी कम हो गया. तीन साल पहले, वे स्थानीय मंदिर में एक कार्यक्रम के लिए सिवानी आए थे.

बंसल ने बताया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के चीफ अरविंद केजरीवाल, भिवानी से चौथे ऐसे नेता हैं, जो मुख्यमंत्री बने हैं. उनके पहले बंसी लाल, बनारसी दास गुप्ता और मास्टर हुकम सिंह मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर क्या बोले केजरीवाल के गांव के लोग?

केजरीवाल की गिरफ्तारी के लेकर उनके पैतृक गांव के स्थानीय लोगों में मिलीजुली प्रतिक्रिया है. कुछ लोगों का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने उनसे ज्यादा मुलाकात नहीं की है. दिल्ली शराब नीति मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद गांव के कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं.

65 साल के कारोबारी जगदीश प्रसाद केडिया ने कहा कि ग्रामीणों को केजरीवाल से काफी उम्मीदें थीं. हमें गर्व था कि हमारे गांव के किसी व्यक्ति ने भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी और बाद में मुख्यमंत्री बन गया. केडिया ने कहा कि मुझे केजरीवाल की बेगुनाही पर यकीन नहीं है. ED (प्रवर्तन निदेशालय) के बार-बार बुलाने के बाद भी वे पूछताछ के लिए नहीं गए. 

फरवरी 2015 में शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए गांव से हममें से लगभग 50 लोग दिल्ली गए थे. 3 साल पहले, हम उनसे एक मंदिर में एक कार्यक्रम के लिए दान मांगने गए थे, उन्होंने दर्शन किए और एक घंटे बाद चले गए. इस दौरान उन्होंने न तो मंडी का दौरा किया, न लोगों से बात की और न ही दान दिया. हममें से कई लोग निराश थे.

दुकानदार बोले- सिवानी आते नहीं, कैसे बढ़ेगी AAP?

अनाज मंडी में जनरल स्टोर चलाने वाले सोमनाथ शर्मा कहते हैं कि केजरीवाल एक अच्छी सरकार चलाते हैं और उन्होंने राजधानी में लोगों का जीवन आसान बना दिया है. लेकिन उन्हें इस बात की निराशा है कि आम आदमी पार्टी हरियाणा में नहीं पनप सकी. उन्होंने कहा कि AAP दिल्ली में फिर से जीतेगी, इस बार लोग लोकसभा में भी INDIA गठबंधन के लिए वोट करेंगे, लेकिन वे हरियाणा में नहीं जीतेंगे. सिवानी में पार्टी की एक इकाई है लेकिन वो 2015 से शुरू नहीं हुई है. जब अरविंद अपने जन्मस्थान पर भी नहीं जाते हैं, तो पार्टी कैसे बढ़ेगी?

बाजार में मजदूरी करने वाले अनूप शर्मा का कहना है कि AAP की शुरुआत होने पर उन्होंने पार्टी ज्वाइन की थी. एक पार्टी बनाने में प्रयास, पैसा और समय लगता है और इस हरियाणा से होने के बावजूद भी उन्होंने इसका लाभ नहीं उठाया. उन्होंने कुरूक्षेत्र से जिस उम्मीदवार सुशील गुप्ता को मैदान में उतारा है, वह हमारे लिए अजनबी हैं. वे दिल्ली से हैं और राज्यसभा सांसद हैं. वे हरियाणा में लोगों के बीच कैसे लोकप्रिय होंगे? पंजाब में उनका एक चेहरा था, भगवंत मान का, लेकिन यहां कोई नहीं है.

ग्रामीण बोले- समन मिलने पर उन्हें पूछताछ के लिए पेश होना था

केजरीवाल की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर 52 साल के एक ग्रामीण ने अन्ना हजारे की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन का उद्देश्य सिस्टम में भ्रष्टाचार के खिलाफ था. लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में ही अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. समन मिलने पर केजरीवाल को पूछताछ के लिए जाना चाहिए था. कुमार विश्वास, किरण बेदी, अन्ना हजारे और केजरीवाल के साथ आंदोलन के शीर्ष पर रहे अन्य लोग अब चुप हैं, क्यों?

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