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Delhi excise policy case: आज भी ED के सामने पेश नहीं हुए अरविंद केजरीवाल, आप ने कहा, मामला अब अदालत में है

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आज भी ईडी के सामने पेश नहीं होंगे. 5 समन के बाद भी जब केजरीवार पेश नहीं हुए तब ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका लगाई थी. कोर्ट के नोटिस के बाद 17 फरवरी को केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने पेश हुए थे.

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Delhi excise policy case: आज भी ED के सामने पेश नहीं हुए अरविंद केजरीवाल, आप ने कहा, मामला अब अदालत में है

Arvind Kejriwal: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आज भी ईडी के सामने पेश नहीं होंगे. आम आदमी पार्टी ने ईडी के समन को गैरकानूनी बताया है. दिल्ली के कथित शराब घोटाले केस में प्रवर्तन निदेशाल ने उन्हें अब तक 6 समन भेजा है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि केंद्रीय एजेंसी ईडी के समन की वैधता का मामला अब कोर्ट में है. वह खुद कोर्ट गई है.  14 फरवरी को जांच एजेंसी ने केजरीवाल को छठा समन जारी किया था और उन्हें 19 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था. 

ईडी का समन गैरकानूनी-AAP

आम आदमी पार्टी की तरफ से कहा गया है कि ईडी का समन गैरकानूनी हैं. सीएम केजरीवाल को पहला समन पिछले साल 2 नवंबर के लिए भेजा गया था. इसके बाद 17 जनवरी, 3 जनवरी, 21 दिसंबर और 2 नवंबर को समन भेजा गया. जब पांच समन के बाद भी केजरीवाल पूछताछ के लिए नहीं आए तो ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका लगाई थी. कोर्ट के नोटिस के बाद 17 फरवरी को केजरीवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने पेश हुए थे. सीएम ने बजट का हवाला देकर फिजिकल तौर पर पेश होने के लिए थोड़ा वक्त मांगा था. 

मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जेल में हैं

कथित शराब घोटाला केस में मनीष सिसोदिया और संजय सिंह पहले से ही जेल में हैं. मार्च 2021 में पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने नई शराब नीति का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था इससे माफिया राज खत्म होगा. उस समय दिल्ली में 60 फीसदी दुकाने सरकारी और 40 फीसदी प्राइवेट थीं. नई शराब नीति में सरकार बाहर हो गई. 

शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का आरोप

दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया और हर जोन में 27 शराब की दुकानें खोले गए. दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने शराब नीति में घोटाले होने का आरोप लगाया. आरोप था कि दिल्ली सरकार ने शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाया. विवाद बढ़ता देख दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर दी और फिर पुरानी नीति लागू करने का फैसला किया.