आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. इस मामले में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने 15 साल के बेटे की हत्या कर दी. मां ने इस घटना को अंजाम इसलिए दिया क्योंकि बेटा उसके अवैध संबंधों का विरोध कर रहा था.
पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पहले इस हत्या को हफ्तों तक छिपाने की कोशिश की गई थी, लेकिन फिर एसआईटी की टीम ने पूरे मामले की गुत्थी सुलझा ली. हालांकि इस दौरान महिला ने चालाकी से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई.
पीड़ित वीरेंद्र अडोनी मंडल के जी. होसल्ली गांव का रहने वाला था. पुलिस जांच के मुताबिक, उसकी मां गंगम्मा गांव के ही दरगप्पा नाम के व्यक्ति के साथ अवैध संबंध में थी. वीरेंद्र अपनी मां के इस व्यवहार से खुश नहीं था और बार-बार इस पर आपत्ति जताता था. उसने इसके बारे में रिश्तेदारों और गांव वालों के सामने भी खुलासा कर दिया. जिसके कारण घर में झगड़े होने लगे. पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, मां और उसके प्रेमी को डर था कि वीरेंद्र के कारण उनका रिश्ता सार्वजनिक हो जाएगा और सामाजिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ेगा. इसी वजह से दोनों ने मिलकर बेटे की हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को गांव के बाहरी इलाके स्थित कब्रिस्तान में गुप्त रूप से दफना दिया गया.
मां ने अपने ही बच्चे को मार कर फिर उसके लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई. पुलिस के सामने दिखावा करने के लिए वह खुद खोजबीन में शामिल हो गई और जांच में तेजी लाने के लिए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गई. कोर्ट में उसने जांच एजेंसियों पर देरी का आरोप लगाते हुए बेटे की तलाश के लिए निर्देश मांगे. उसकी इस चालाकी से पुलिस को शुरुआत में उसपर शक ही नहीं हुआ. लेकिन कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया.
एसआईटी ने मां गंगम्मा और दरगप्पा के बयानों में आए अंतर को पकड़ा. इसके अलावा कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी सबूत और स्थानीय गवाहों के बयानों ने पुलिस को दोनों पर गंभीर शक पैदा कर दिया. जिसके बाद 1 जून को जांच टीम ने गांव के कब्रिस्तान से वीरेंद्र के शव को निकाल लिया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद हत्या की सही वजह और तरीका स्पष्ट होगा. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.