पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की सरकार के समय भ्रष्टाचार और पेगासस सॉफ्टवेयर को लेकर सुर्खियों में आए पूर्व खुफिया प्रमुख ए. बी. वेंकटेश्वर राव को अब बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट से एफआईआर और चार्जशीट खारिज होने के बाद राज्य सरकार ने उनके खिलाफ सभी आगे की कार्रवाई रोकने का आदेश जारी किया है.
पूर्व DGP स्तर के अधिकारी ए. बी. वेंकटेश्वर राव पर YSR कांग्रेस सरकार ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था. आरोप यह भी लगा कि उन्होंने इज़राइली कंपनी से निगरानी उपकरण की खरीद में गड़बड़ी की और अपने बेटे की कंपनी को अनुबंध दिया. पेगासस सॉफ्टवेयर को लेकर भी उनका नाम उछला था, जब YSRCP ने दावा किया था कि पिछली TDP सरकार के कार्यकाल में यह स्पाईवेयर खरीदा गया था. राव ने तब प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इन आरोपों को खारिज किया था, जिसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस भी मिला था.
वेंकटेश्वर राव को पहले CAT, फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती रही. अप्रैल 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बहाल करने का आदेश दिया था, लेकिन उसी दिन दोबारा निलंबित कर दिया गया. अब मई 2024 में वह बहाल हुए और उसी दिन रिटायर हो गए. हाल ही में राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के बाद साफ किया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाने लायक नहीं है और इसलिए उनके खिलाफ सभी कार्रवाईयां समाप्त कर दी गईं. सरकार ने उनके निलंबन के दौरान के समय को ड्यूटी पर मानते हुए उनका वेतन भी स्वीकृत कर दिया है.