ब्रिटेन की सोफी लॉ जब 16 वर्ष की थीं, तब एक सैलून विजिट के दौरान उन्हें अपने सिर पर बाल गायब होने (पैच) का पता चला. शुरुआत में डॉक्टरों ने इसे अंडरएक्टिव थायराइड का कारण माना, लेकिन दवाइयों के बावजूद उनके बाल झड़ते रहे. 23 साल की उम्र तक सिर पर कई जगह गंजापन साफ नजर आने लगा था, जिससे वह बेहद दुखी रहने लगीं.
आखिरकार 26 वर्ष की उम्र में डॉक्टरों ने सोफी को 'एलोपेसिया एरिएटा' (Alopecia Areata) नाम की ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित पाया. साइड इफेक्ट्स के डर से उन्होंने स्टेरॉयड जैसी हैवी मेडिसिन लेने से मना कर दिया. वह पाउडर और अन्य अस्थाई तरीकों से अपने गंजेपन को छिपाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन हवा चलने या पाउडर मिटने का डर उन्हें मानसिक रूप से थका देता था.
वर्षों के मानसिक तनाव के बाद सोफी को अपनी समस्या का स्थायी समाधान एक ह्यूमन हेयर विग (Human Hair Wig) के रूप में मिला. कैंट स्थित एक स्टोर से खरीदी गई इस विग को पहनते ही सोफी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए. अब वह इसे मिनटों में पहन लेती हैं और हर दिन इस्तेमाल करती हैं. इससे उनका खोया हुआ आत्मविश्वास पूरी तरह लौट आया है.
हार्ले स्ट्रीट की ट्राइकोलॉजिस्ट मैरी रॉयस का कहना है कि बाल झड़ना महिलाओं के आत्मविश्वास को गहरा नुकसान पहुंचाता है. ऐसी स्थिति में एक अच्छी विग जीवन बदलने वाली साबित हो सकती है. सोफी अब सोशल मीडिया पर अपनी कहानी साझा कर लोगों को जागरूक कर रही हैं. उनका मानना है कि विग पहनना कोई छिपाने वाली बात नहीं, बल्कि मेकअप की तरह खुद को बेहतर महसूस कराने का एक साधन है.