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मौत का हाईवे बना NH-305...5 साल में 298 हादसे, सोझा दुर्घटना ने खोली पोल; हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला

कुल्लू के औट-सैंज हाईवे पर 5 साल में 298 हादसे हो चुके हैं. खराब सड़क और तकनीकी कारणों से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, मामला कोर्ट तक पहुंच गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
मौत का हाईवे बना NH-305...5 साल में 298 हादसे, सोझा दुर्घटना ने खोली पोल; हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला
Courtesy: Pinterest

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 की बदहाल स्थिति एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है. हाल ही में सोझा में हुए टेंपो ट्रैवलर हादसे ने इस खतरनाक सड़क की स्थिति को उजागर कर दिया है. पिछले पांच वर्षों में इस हाईवे पर कुल 298 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 2024-25 में सबसे ज्यादा 71 हादसे हुए हैं.

यह हाईवे बंजार से जलोड़ी जोत तक फैला हुआ है और इसकी हालत बेहद खराब बताई जा रही है. सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है. यह मार्ग लगभग 97 किलोमीटर लंबा है और समुद्र तल से करीब 10,280 फीट की ऊंचाई पर स्थित जलोड़ी दर्रे से होकर गुजरता है.

क्यों है इस सड़क का महत्व?

इस सड़क का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह आउटर सिराज क्षेत्र, बंजार, गाड़ागुशैणी और मंडी के बालीचौकी समेत करीब दो लाख से अधिक लोगों की जीवनरेखा है. साथ ही यहां रोजाना हजारों पर्यटक भी यात्रा करते हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है.

क्या है हादसे की बड़ी वजह?

हादसों की एक बड़ी वजह तकनीकी भी बताई जा रही है. इस मार्ग पर लगातार चढ़ाई और उतराई होने के कारण वाहनों के ब्रेक पर अधिक दबाव पड़ता है. इससे ब्रेक गर्म होकर कई बार काम करना बंद कर देते हैं. स्थानीय चालक इस स्थिति को समझते हैं और भारी गियर में वाहन चलाते हैं, लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले ड्राइवरों को इस जोखिम की जानकारी नहीं होती. सोझा में हुए हालिया हादसे की वजह भी ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है.

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार इस सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण की मांग की है. स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी समेत कई नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हो पाया है.

याचिका में किन बातों का किया गया उल्लेख?

अब यह मामला अदालत तक पहुंच चुका है. हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में इस सड़क की खराब हालत को लेकर याचिका दायर की गई है. कुल्लू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजा सिंह ठाकुर ने याचिका में सड़क रखरखाव की कमी, सुरक्षा उपायों के अभाव और लगातार बढ़ते हादसों का उल्लेख किया है. कोर्ट ने राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जवाब मांगा है.

इस हाईवे पर कई ब्लैक स्पॉट भी हैं, जैसे सोझा, घियागी और जलोड़ा, जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं. 2021 से 2025 के बीच जलोड़ा क्षेत्र में ही 20 लोगों की जान जा चुकी है.

स्थानीय लोगों में क्यों है नाराजगी?

बार-बार हादसों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब सभी की नजर प्रशासन और अदालत की कार्रवाई पर टिकी है, ताकि इस खतरनाक मार्ग को सुरक्षित बनाया जा सके.