World Lung Cancer Day: विश्व लंग कैंसर दिवस 1 अगस्त को मनाया जाता है. इस दिन दुनिया भर में लंग कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है. लोग सोचते हैं कि सिगरेट पीने वालों को ही यह बीमारी होती है, लेकिन सच यह है कि नॉन-स्मोकर्स भी इससे प्रभावित हो सकते हैं.
डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल बताते हैं कि धूम्रपान लंग कैंसर का सबसे बड़ा कारण है, लेकिन एयर पॉल्यूशन, सेकंड हैंड स्मोक, घरेलू प्रदूषण और जेनेटिक्स भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. डॉ. ने अपनी क्लिनिक की एक मरीज मीरा का उदाहरण दिया. मीरा कभी सिगरेट नहीं पीती थीं. उन्हें लगातार खांसी थी, जो उन्होंने दिल्ली की खराब हवा का असर मानकर नजरअंदाज कर दिया. तीन महीने बाद जब जांच हुई तो पता चला कि शुरुआती स्टेज का लंग कैंसर है. समय पर इलाज से वह पूरी तरह ठीक हो गईं. मीरा ने डॉक्टर से कहा- 'मैंने लगभग उस एक लक्षण को अनदेखा कर दिया जो मेरी जान बचा सकता था.'
डॉ. अग्रवाल ने बताए पांच सरल लाइफस्टाइल बदलाव जो धूम्रपान करने वालों और न करने वालों दोनों के लिए फायदेमंद हैं:-
घर के अंदर हवा साफ रखें
ज्यादातर समय हम घर के अंदर रहते हैं. रसोई में अच्छी वेंटिलेशन रखें. मच्छर मारने वाले कॉइल, ज्यादा अगरबत्ती या बायोमास जलाने से बचें. हाई पॉल्यूशन के दिनों में HEPA एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें.
AQI चेक करें
बाहर निकलने से पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स देखें. खराब हवा वाले दिनों में व्यायाम घर के अंदर करें. जरूरी हो तो अच्छा मास्क (N95 या सर्जिकल) लगाकर बाहर जाएं.
फेफड़ों को सक्रिय रखें
रोज 30 मिनट तेज चाल से टहलें. सांस की साधारण एक्सरसाइज जैसे स्पाइरोमेट्री या प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं और ऑक्सीजन का बेहतर संचार करते हैं.
स्वस्थ भोजन और वजन नियंत्रण
फल, सब्जियां, एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें. इससे शरीर की रक्षा प्रणाली मजबूत होती है.
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
लगातार खांसी, खून वाली खांसी, सांस फूलना, वजन घटना या आवाज में बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. शुरुआती स्टेज में बीमारी पकड़ में आने पर इलाज आसान और सफल होता है.
डॉ. अग्रवाल का कहना है कि धूम्रपान छोड़ना सबसे बड़ा कदम है, लेकिन नॉन-स्मोकर्स को भी सतर्क रहना चाहिए. स्वच्छ हवा, सक्रिय जीवनशैली और समय पर जांच से जोखिम काफी कम किया जा सकता है.