फिल्मों में हार्ट अटैक का दृश्य अक्सर सीने पर हाथ रखकर गिरने वाला दिखाया जाता है. लेकिन असल जिंदगी में यह इतना नाटकीय नहीं होता. कई बार यह सिर्फ एसिडिटी, जिम में जल्दी थकान या नींद से न मिटने वाली कमजोरी जैसा महसूस होता है.
डॉक्टर के अनुसार शरीर हार्ट अटैक से पहले कई चेतावनी संकेत देता है. समस्या यह है कि हम इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं. मसालेदार खाना, गलत तकिए से गर्दन में दर्द या ऑफिस का तनाव बताकर इसे टाल देते हैं. इससे बहुमूल्य समय बर्बाद होता है.
हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशी के किसी हिस्से तक खून का प्रवाह बुरी तरह रुक जाता है या पूरी तरह बंद हो जाता है. जितना देर ब्लॉकेज रहती है, उतना ही ज्यादा दिल का हिस्सा स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है. डॉक्टर के पास आक्रामक और गैर-आक्रामक कार्डियोलॉजी में 22 साल से ज्यादा का अनुभव है.
सबसे आम लक्षण सीने में बेचैनी है. लेकिन यह हमेशा तेज दर्द नहीं होता. मरीज अक्सर दबाव, जकड़न, निचोड़ने जैसा अहसास, भारीपन, भरापन या सीने के बीच या पूरे हिस्से में असुविधा बताते हैं. यह कई मिनट तक रह सकता है, थोड़ी देर कम हो सकता है और फिर ज्यादा तीव्रता से लौट सकता है.
डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि दर्द असहनीय होने का इंतजार न करें. यह बड़ी गलती है. हल्की या असामान्य सीने की बेचैनी को भी गंभीरता से लें, खासकर अगर साथ में अन्य संकेत हों. समय पर मदद लेना जान बचा सकता है. अगर सीने में दबाव, असामान्य थकान, मतली या बेचैनी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या अस्पताल पहुंचें. देरी नुकसान बढ़ा सकती है.
शरीर के इन संकेतों को अनसुना न करें. छोटी-छोटी बातों को एसिडिटी या थकान मानकर टालने की बजाय जांच करवाएं. सही समय पर कार्रवाई से बड़े खतरे से बचा जा सकता है. हृदय स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना जरूरी है.