Kissing Health Risks: प्यार जताने का सबसे आम और रोमांटिक तरीका है किस करना. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक प्यारा किस भी कभी-कभी स्वास्थ्य के लिए जोखिम बन सकता है? दरअसल, किस के दौरान सिर्फ भावनाएं ही नहीं, बल्कि लार का भी खूब आदान-प्रदान होता है. इसी लार में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच सकते हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार खासकर गहरे या फ्रेंच किस में दोनों पार्टनर्स के मुंह की लार पूरी तरह मिक्स हो जाती है. एक रिसर्च के मुताबिक एक बार किस करने पर लगभग 8 करोड़ बैक्टीरिया एक-दूसरे के मुंह में जा सकते हैं. इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया तो नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन अगर किसी की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो तो समस्या हो सकती है.
सबसे आम खतरा है सर्दी-जुकाम. अगर आपका पार्टनर सर्दी या खांसी से पीड़ित है तो किस के समय वायरस आसानी से फैल सकता है.
एक और बीमारी जिसे लोग 'किसिंग डिजीज' भी कहते हैं, वह है मोनोन्यूक्लिओसिस. यह एप्सटीन-बार वायरस से होती है. लक्षणों में तेज थकान, बुखार, गले में दर्द और गर्दन की ग्रंथियों में सूजन शामिल हैं. यह बीमारी लार के जरिए आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंच जाती है.
हर्पीज भी किसिंग से फैलने वाला बड़ा खतरा है. मुंह पर छाले न दिख रहे हों तब भी वायरस लार में मौजूद रह सकता है और दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है.
अगर पार्टनर को फ्लू है तो किस के दौरान सांस की छोटी-छोटी बूंदों से इन्फ्लूएंजा वायरस भी फैल सकता है. इसके अलावा मुंह और मसूड़ों की बीमारियों वाले कुछ बैक्टीरिया भी लार के रास्ते दूसरे व्यक्ति तक पहुंचकर दांतों और मसूड़ों की समस्याएं बढ़ा सकते हैं.
अगर पार्टनर को बुखार, जुकाम, खांसी या मुंह के छाले हैं तो किस से बचें.
इम्यूनिटी कमजोर होने पर (बीमारी या दवा के कारण) विशेष सतर्कता रखें.
कई बार वायरस बिना लक्षण दिखाए भी फैल सकते हैं, इसलिए पूरी सुरक्षा मुश्किल है.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आपको प्यार जताना बंद कर देना चाहिए. ज्यादातर स्वस्थ लोगों में एक-दूसरे का किस कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाता. लेकिन जागरूकता जरूरी है. अच्छी ओरल हाइजीन, स्वस्थ रहना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना इन जोखिमों को कम कर सकता है.