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क्या हेल्दी डाइट के बाद भी बढ़ रहा आपका वजन? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

हेल्दी डाइट लेने के बावजूद वजन बढ़ने के पीछे मेटाबॉलिज्म, इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल असंतुलन और लाइफस्टाइल बड़ी वजह हो सकते हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या हेल्दी डाइट के बाद भी बढ़ रहा आपका वजन? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: आज के समय में फिट रहने के लिए लोग हेल्दी डाइट अपनाते हैं. जंक फूड से दूरी बनाते हैं और नियमित रूप से एक्टिव भी रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोगों का वजन बढ़ता जा रहा है. यह स्थिति लोगों को हैरान करती है और अक्सर सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल खाने या एक्सरसाइज का मामला नहीं है, बल्कि शरीर की जटिल प्रक्रिया मेटाबॉलिज्म से जुड़ा हुआ है.

डॉक्टरों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक कम कैलोरी लेता है, तो शरीर खुद को उस स्थिति के अनुसार ढाल लेता है. इस प्रक्रिया को मेटाबॉलिक अडैप्टेशन कहा जाता है. इसमें शरीर ऊर्जा बचाने के लिए कम कैलोरी खर्च करने लगता है. नतीजतन वही डाइट जो पहले वजन घटाने में मदद करती थी, अब वजन बढ़ाने या स्थिर रखने लगती है.

क्या है वजन बढ़ने का कारण?

इसके अलावा इंसुलिन रेजिस्टेंस भी वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण माना जाता है. इंसुलिन हार्मोन शरीर में ब्लड शुगर के साथ-साथ फैट स्टोरेज को भी नियंत्रित करता है. जब शरीर इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहता, तो शरीर फैट को जलाने की बजाय जमा करने लगता है. यह समस्या उन लोगों में भी देखी जा सकती है, जो पूरी तरह हेल्दी खाना खाते हैं.

विशेषज्ञ डॉ. मोइनुद्दीन के अनुसार लेप्टिन हार्मोन भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. यह दिमाग को संकेत देता है कि पेट भर चुका है लेकिन जब लेप्टिन रेजिस्टेंस हो जाता है, तो व्यक्ति को सही समय पर भूख का एहसास नहीं होता और वह जरूरत से ज्यादा खा लेता है.

हार्मोन का क्या पड़ता है असर?

हार्मोनल असंतुलन भी वजन बढ़ने की बड़ी वजह बन सकता है. जैसे हाइपोथायरायडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. पीसीओएस महिलाओं में फैट स्टोरेज को प्रभावित करता है और कशिंग सिंड्रोम में कोर्टिसोल बढ़ने से शरीर में चर्बी जमा होने लगती है.

क्या हेल्दी खाना भी करता है नुकसान?

इसके अलावा हेल्दी खाना भी अगर ज्यादा मात्रा में लिया जाए, तो वह वजन बढ़ा सकता है. ड्राई फ्रूट्स, फल और साबुत अनाज पोषक जरूर होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी अधिक होती है. जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर यह अतिरिक्त ऊर्जा फैट के रूप में जमा हो जाती है.

लाइफस्टाइल भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. कम नींद, ज्यादा तनाव और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं. नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जबकि तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो वजन बढ़ाने में योगदान देता है.

इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल हेल्दी खाना ही नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली, पर्याप्त नींद और नियमित जांच भी जरूरी है, ताकि वजन को नियंत्रित रखा जा सके.