मेलानिया ट्रंप की नई डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'मेलानिया' ने ब्रिटेन में बेहद कमजोर शुरुआत की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक लंदन में इसके प्रीमियर स्क्रीनिंग के लिए टिकट बिक्री इतनी कम रही कि दर्शकों की रुचि लगभग न के बराबर दिखी. फिल्म अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ठीक पहले के 20 दिनों की घटनाओं पर आधारित है. यह डॉक्यूमेंट्री मेलानिया ट्रंप के जीवन, उनकी भूमिका और तैयारी को करीब से दिखाती है.
ब्रेट रैटनर द्वारा निर्देशित इस फिल्म को अमेजन एमजीएम स्टूडियोज ने बड़े बजट के साथ रिलीज किया है. अमेरिका में इसे काफी प्रमोशन मिला, लेकिन यूके में स्थिति पूरी तरह अलग है. द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार लंदन के प्रमुख सिनेमा चेन व्यू के फ्लैगशिप थिएटर इस्लिंगटन में शुक्रवार को दोपहर 3:10 बजे की स्क्रीनिंग के लिए सिर्फ एक टिकट बिका था. शाम 6 बजे की शो में दो टिकट बिके.
इसी तरह लंदन के व्यू थिएटर्स में कई अन्य स्क्रीनिंग्स के लिए एडवांस बुकिंग जीरो रही. कुछ अन्य स्थानों पर भी टिकटों की संख्या बहुत कम थी, जबकि कई ब्रांचेज में सभी सीटें खाली दिख रही थीं.व्यू सिनेमा चेन के सीईओ टिम रिचर्ड्स ने टेलीग्राफ को बताया कि फिल्म की टिकट सेल्स 'सॉफ्ट' यानी कमजोर रही हैं.
उन्होंने कहा कि उन्हें कई ईमेल मिले, जिनमें लोगों ने फिल्म दिखाने का विरोध किया. लेकिन रिचर्ड्स ने स्पष्ट किया कि ब्रिटिश बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (BBFC) द्वारा अप्रूव होने के बाद सिनेमा को फिल्म दिखानी ही पड़ती है. वे खुद को कोई सांस्कृतिक गेटकीपर नहीं मानते और जनता या राजनीतिक राय के आधार पर फिल्म रोकना उचित नहीं समझते. यह फिल्म ब्रिटेन में 100 से ज्यादा सिनेमाघरों में रिलीज हुई है, लेकिन शुरुआती रिस्पॉन्स से साफ है कि ब्रिटिश दर्शक इसे लेकर उत्साहित नहीं हैं.
अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद फिल्म की तारीफ की और इसे 'मस्ट वॉच' बताया, साथ ही दावा किया कि टिकट तेजी से बिक रहे हैं. हालांकि यूके में हालात इसके उलट हैं. कुछ रिपोर्ट्स में फिल्म के बड़े बजट (राइट्स और मार्केटिंग में करोड़ों डॉलर खर्च) का जिक्र है, लेकिन कम टिकट बिक्री से इसे फ्लॉप माना जा रहा है.
सोशल मीडिया पर भी यूजर्स इसे 'फेलियर' कह रहे हैं. फिल्म को लेकर विवाद भी रहा है, खासकर निर्देशक ब्रेट रैटनर के पिछले आरोपों के कारण. फिर भी यह डॉक्यूमेंट्री मेलानिया ट्रंप की जिंदगी का एक निजी नजरिया पेश करती है. ब्रिटेन में कमजोर ओपनिंग से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह फिल्म वैश्विक स्तर पर सफल होगी या नहीं है.