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India Daily

'जावेद जाफरी का वन-मैन शो' कहकर नेटिजन्स ने दी थम्स अप, 'मायासभा' ने दर्शकों को किया इंप्रेस, पढ़ें X रिव्यू

'तुम्बाड' फिल्म के निर्देशक राही अनिल बर्वे की फिल्म 'मयासभा: द हॉल ऑफ इल्यूजन' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसमें जावेद जाफरी, मोहम्मद समद, वीना जामकार और दीपक दामले ने अभिनय किया है. नेटिज़न्स ने फिल्म की खूब तारीफ की और इसे 'जावेद का वन-मैन शो' बताया.

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Edited By: Antima Pal
'जावेद जाफरी का वन-मैन शो' कहकर नेटिजन्स ने दी थम्स अप, 'मायासभा' ने दर्शकों को किया इंप्रेस, पढ़ें X रिव्यू
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मुंबई: 'तुम्बाड' फेम निर्देशक राही अनिल बर्वे की नई फिल्म मायासभा: द हॉल ऑफ इल्यूजन आज 30 जनवरी को थिएटर्स में रिलीज हुई है. इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर में जावेद जाफरी मुख्य भूमिका में हैं, जबकि मोहम्मद समद, वीना जामकर और दीपक दामले भी अहम किरदार निभा रहे हैं. फिल्म की कहानी एक पुराने, जीर्ण-शीर्ण थिएटर 'मायासभा' के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक असफल फिल्म प्रोड्यूसर परमेश्वर खन्ना (जावेद जाफरी) अपने बेटे वासु के साथ रहता है. वह छिपे हुए खजाने के पीछे पागल है और इस जगह को अपना महल मानता है.

'जावेद जाफरी का वन-मैन शो' कहकर नेटिजन्स ने दी थम्स अप

रिलीज के पहले दिन ही दर्शकों ने फिल्म को देखकर X पर अपनी राय शेयर की. ज्यादातर नेटिजन्स ने फिल्म को सराहा और इसे जावेद जाफरी का वन-मैन शो बताया. कई यूजर्स ने इसे मस्ट-वॉच कहा, जबकि कुछ ने इसकी अलग-अलग स्टाइल की तारीफ की. एक यूजर ने लिखा- 'जावेद जाफरी ने ONE-MAN शो दिया है. राही अनिल बर्वे ने अनसेटलिंग वाइब को परफेक्ट कंट्रोल में रखा. 

डार्क, इमर्सिव और बोल्ड सिनेमा. वन-वर्ड रिव्यू: स्पेलबाइंडिंग. जावेद जाफरी ने एनिग्मैटिक ग्रेविटास के साथ लेयर्ड परफॉर्मेंस दी है. पॉलिटिकल एलिगरी और साइकोलॉजिकल इंट्रिग मिलकर थॉट-प्रोवोकिंग बनाती है. दूसरे यूजर ने कहा- 'मायासभा देखी, डिसेंट मूवी. रूटीन बॉलीवुड से बहुत अलग. ग्रेट विजुअल्स. लेकिन थ्रिल की तलाश में रह गया. जावेद जाफरी अब्सोल्यूटली टेरिफिक थे.'

कई लोगों ने फिल्म की डार्क और इमर्सिव एटमॉस्फेयर की तारीफ की. इसे स्मोक से भरा, क्लॉस्ट्रोफोबिक और थिएटर की डिके को दिखाने वाला बताया. जावेद जाफरी की परफॉर्मेंस को करियर-बेस्ट कहा जा रहा है, जहां उन्होंने परमेश्वर के कैरेक्टर में गहराई और इंटेंसिटी दिखाई. फिल्म की विजुअल्स, सिनेमैटोग्राफी और डायलॉग्स भी खूब पसंद किए गए. 

कुछ ने इसे राजनीतिक व्यंग्य और मानसिक खेल से भरा बताया. हालांकि कुछ दर्शकों को फिल्म थोड़ी स्लो लगी. एक यूजर ने लिखा कि यह पैशेंस टेस्ट करती है, लेकिन एक्टर्स ने इसे बचाया. कुल मिलाकर फिल्म को अलग सोच और ऑफबीट सिनेमा पसंद करने वालों के लिए शानदार माना जा रहा है. राही अनिल बर्वे ने 'तुम्बाड' के बाद एक बार फिर अनोखी कहानी पेश की है, जो ग्रीड, इल्यूजन और पावर गेम्स पर फोकस करती है. 

'मायासभा' ने दर्शकों को किया इंप्रेस

फिल्म हिंदी में है और इसे Zirkon Films ने प्रोड्यूस किया है. अगर आप डार्क, थॉटफुल और विजुअली रिच सिनेमा पसंद करते हैं, तो मायासभा जरूर देखें. नेटिजन्स का कहना है कि जावेद जाफरी की एक्टिंग अकेले ही फिल्म को देखने लायक बनाती है.