मुंबई: थलापति विजय की फिल्म 'जन नायगन' की सेंसर सर्टिफिकेशन विवाद में नया मोड़ आ गया है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया है. यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि प्रोड्यूसर्स KVN प्रोडक्शंस हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में हैं. CBFC चाहता है कि कोर्ट कोई भी आदेश पास करने से पहले उनकी सुनवाई जरूर हो. यह विवाद जनवरी से चल रहा है.
फिल्म को मूल रूप से 9 जनवरी को रिलीज होना था, लेकिन सेंसर बोर्ड ने UA सर्टिफिकेट देने में देरी की और कुछ आपत्तियां जताईं. प्रोड्यूसर्स ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया, जहां सिंगल जज ने 9 जनवरी को CBFC को UA (16+) सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया था. लेकिन 27 जनवरी को डिवीजन बेंच ने CBFC की अपील को मंजूर कर लिया और सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया.
बेंच ने कहा कि CBFC को पर्याप्त सुनवाई का मौका नहीं मिला था, इसलिए मामला सिंगल जज के पास दोबारा भेजा गया है ताकि नई सुनवाई हो सके. CBFC ने कैविएट दाखिल करके यह सुनिश्चित किया है कि अगर KVN प्रोडक्शंस सुप्रीम कोर्ट जाते हैं, तो बिना उनकी सुनवाई के कोई एक्स-पार्टे (एकतरफा) आदेश न पास हो. यह फिल्म के रिलीज के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि अब कानूनी प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है.
फिल्म थलापति विजय की आखिरी फिल्म है, क्योंकि वे अब पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं. फैंस इसे पोंगल रिलीज के रूप में देखना चाहते थे, लेकिन सेंसर विवाद ने सब कुछ रोक दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोड्यूसर्स अब कोर्ट केस वापस लेने और CBFC की रिवाइजिंग कमिटी के पास जाने पर विचार कर रहे हैं ताकि जल्दी सॉल्यूशन निकल सके. कुछ सोर्स कह रहे हैं कि 6 फरवरी को रिलीज की कोशिश हो रही है. लेकिन फिलहाल सब कुछ अनिश्चित है.