KBC 17 Viral Video: कौन बनेगा करोड़पति के 17वें सीजन में आए गांधीनगर के पांचवीं के छात्र इशित भट्ट के व्यवहार का एक क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है. क्लिप में इशित के आत्मविश्वास भरे बोल और तीखा रवैया अचानक ही दर्शकों के गुस्से और चिंता का कारण बन गया है. कई यूजर्स ने माता‑पिता और शो के मेकर्स से सवाल उठाए कि आखिर किस तरह की परवरिश बच्चों में विनम्रता और संवाद‑शैली सिखाती है.
एपिसोड की शुरुआत में ही इशित ने बड़ा आत्मविश्वास दिखाया और अमिताभ बच्चन से कहा, 'मेरे को नियम पता हैं इसलिए आप मुझे अभी नियम समझाने मत बैठना.'इसके बाद भी उनका लहजा कड़ा बना रहा. जब उन्हें ऑप्शन देने का कहा गया तो उन्होंने जोर देकर कहा, 'अरे ऑप्शन डालो.'
जब सवालों के जवाब की बारी आई तो उन्होंने कहा, 'सर एक क्या उसमें चार ताले लगा दो, लेकिन ताला लगा दो.' रामायण से जुड़े एक प्रश्न पर इशित ने स्वयं ही ऑप्शन पूछे और आखिर में गलत उत्तर दे दिया. बिना किसी इनाम के वे शो से लौट गए. यह पूरा सीन लगभग तुरंत वायरल हो गया और दर्शकों के बीच तीखे रिएक्शन पैदा हुए.
हालांकि चर्चा उड़ी तो अमिताभ बच्चन ने छोटे बच्चे की गलती को सामान्य बताते हुए कहा, 'कभी-कभी बच्चे अति आत्मविश्वास में गलती कर देते हैं.' उनका यह शांत और समझदार रुख सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स द्वारा स्वागत भी किया गया, जबकि कई लोगों ने कड़ा रुख अपनाया और परवरिश पर सवाल उठाए.
Karma knows its address…. pic.twitter.com/GdbvSKA3vS
— Shivani (@Astro_Healer_Sh) October 12, 2025
वीडियो के शेयर होते ही नेटिजन्स ने तीखे कमेंट्स किए. एक यूजर ने लिखा, 'अगर आपके बच्चे में ज्ञान है तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर उसमें शिष्टाचार नहीं है या उसे बड़ों के सामने बात करना नहीं आता, तो वह कभी सफल नहीं हो सकता. अगर मैं अमिताभ बच्चन की जगह होता, तो उसे दो थप्पड़ मारता और फिर सवाल पूछता.'
दूसरे ने कटाक्ष किया, 'बिल्कुल सही अंत. अहंकार की सीख मिल गई. शायद अब माता‑पिता सीखेंगे कि बिगड़ैल बच्चे को पालना पालन‑पोषण नहीं, बल्कि सार्वजनिक उपद्रव की ट्रेनिंग है.' वहीं कुछ यूजर्स बच्चे का बचाव भी कर रहे हैं — एक तीसरे यूज़र ने न केवल इशित के आत्मविश्वास को सराहा बल्कि कहा, 'ज़्यादा होशियार बच्चा.'
मानव व्यवहार विशेषज्ञ और बचपन विकास के अध्येताओं के अनुसार, छोटे बच्चों के सार्वजनिक मंच पर लाये जाने से पहले उनके माता‑पिता और शो के प्रोड्यूसर्स को संवाद‑शैली और मंच व्यवहार की समझ देना आवश्यक है. बच्चों के आत्मविश्वास और सामाजिक अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखना सीखने योग्य कौशल है—जिसे घर और स्कूल दोनों जगह पर संवेदनशील तरीके से सिखाया जाना चाहिए.