Youtuber Elvish Yadav: पॉपुलर यूट्यूबर एल्विश यादव एक बार फिर कानूनी मुश्किलों के घेरे में आ गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करते हुए गुरुग्राम की पीएमएलए स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस मामले में हरियाणवी सिंगर राहुल यादव उर्फ फाजिलपुरिया भी फंस गए हैं. दोनों पर वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन कर सांपों और इग्वाना जैसे संरक्षित जीवों को म्यूजिक वीडियो और व्लॉग्स में इस्तेमाल करने का आरोप है.
इस घोटाले से कमाई गई रकम को लॉन्डर करने का भी इल्जाम लगाया गया है. ईडी की जयपुर जोनल ऑफिस ने यह चार्जशीट दाखिल की, जिसमें एल्विश यादव, फाजिलपुरिया के अलावा स्काई डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर गुरकरण सिंह ढलीवाल को आरोपी बनाया गया है. जांच में पता चला कि फाजिलपुरिया का म्यूजिक वीडियो '32 बोरे' और एल्विश का व्लॉग 'फाजिलपुरिया भाई के शूट पर रशियन से मुलाकात हो ही गई' में लाइव सांपों और इग्वाना को दिखाया गया था.
— Press Trust of India (@PTI_News) October 16, 2025
ये सभी प्रजातियां वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 की धारा 51 के तहत संरक्षित हैं. इन वीडियोज को यूट्यूब पर अपलोड कर व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में लाखों कमाए गए. ईडी के मुताबिक एल्विश के चैनल 'एल्विश यादव व्लॉग्स' से इस 'गलत' वीडियो से करीब 84 हजार रुपये की कमाई हुई, जो क्राइम की आय मानी जा रही है. वहीं फाजिलपुरिया को वीडियो प्रोडक्शन के लिए 50 लाख रुपये मिले थे, जो स्काई डिजिटल के डायरेक्टर ने बैंक ट्रांसफर से दिए.
सांपों की सप्लाई और वेनम केस में हो चुकी पहले एफआईआर दर्ज
ईडी ने इन सभी को पीएमएलए की धारा 3 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया है, जिसकी सजा धारा 4 में बताई गई है. पहले नोएडा पुलिस ने सांपों की सप्लाई और वेनम केस में एफआईआर दर्ज की थी, उसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने वाइल्डलाइफ क्रूरता का केस दर्ज किया. ईडी ने मई में केस शुरू किया था. यह मामला एल्विश के लिए झटका है, जो पहले स्नेक वेनम पार्टी केस में फंसे थे. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उनके खिलाफ कोर्ट प्रोसीडिंग्स पर स्टे लगाया था, लेकिन ईडी का यह नया कदम मुश्किलें बढ़ा रहा है.