Chunky Panday: हाल ही में ‘टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल’ शो में शामिल हुए एक्टर चंकी पांडे ने अपने शुरुआती संघर्षों की कहानी सुनाई है. उन्होंने बताया कि किस तरह एक सामान्य पल ने उनकी जिंदगी बदल दी थी. अपनी बातचीत में चंकी ने कहा, 'मैं संयोग से बाथरूम में पहलाज निहलानी से टकरा गया. मेरे करियर की शुरुआत वहीं से हुई. उस वक्त मैं उन्हें जानता नहीं था क्योंकि तब सोशल मीडिया नहीं था. मेरा नाड़ा एक गांठ में फंसा हुआ था, और उन्होंने उसे खोलने में मेरी मदद की.'
उन्होंने आगे कहा, 'जब मैंने उनसे पूछा कि वह क्या करते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह पहलाज निहलानी नाम के फिल्म मेकर हैं. मैं हैरान रह गया. मैंने कहा कि मेरा नाम चंकी पांडे है, तो उन्होंने कहा, ‘कितना अजीब नाम है.’ मैंने बताया कि मैं फिल्मों में काम करना चाहता हूं, और उन्होंने अगले दिन अपने घर आने के लिए कहा. अगले ही दिन मुझे मेरा पहला रोल मिल गया.'
चंकी पांडे ने अपने पुराने दोस्त गोविंदा को भी अपने करियर की शुरुआत में अहम योगदान देने वाला बताया. उन्होंने कहा, 'अगर मैं फिल्मों में आ पाया हूं, तो यह गोविंदा की वजह से है. उन्होंने मेरे शुरुआती दिनों में मेरा बहुत सहयोग किया.' चंकी और गोविंदा की दोस्ती 1980 के दशक से चली आ रही है और दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम भी किया है. दोनों का हास्य और ऑन-स्क्रीन एनर्जी दर्शकों को खूब पसंद आती थी.
बाथरूम वाली उस मुलाकात के कुछ समय बाद ही चंकी पांडे ने 1987 में पहलाज निहलानी की फिल्म ‘आग ही आग’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. यह फिल्म सफल रही और चंकी को पहचान मिलने लगी. इसके बाद उन्होंने ‘तेजाब (1988)’, ‘आंखें (1993)’, ‘खतरों के खिलाड़ी’, ‘लव 86’ जैसी कई पॉपुलर फिल्मों में काम किया.
चंकी पांडे अपनी कॉमिक टाइमिंग, बिंदास अंदाज और हास्य शैली के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने 80 और 90 के दशक में एक रोमांटिक-हास्य नायक के रूप में खूब लोकप्रियता हासिल की. बाद में फिल्मों से कुछ दूरी बनाने के बाद उन्होंने हाउसफुल सीरीज़, बेगम जान और साहो जैसी फिल्मों में प्रभावशाली सहायक और खलनायक किरदार निभाकर कमबैक किया.