मुंबई: बॉलीवुड में हर स्टार की सफलता के पीछे संघर्ष की एक अलग कहानी होती है. कुछ कलाकार छोटे किरदारों से शुरुआत करते हैं तो कुछ लंबे समय तक पर्दे के पीछे काम करके अपने सपनों को पूरा करते हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है भूमि पेडनेकर की. आज 18 जुलाई को अपना 37वां जन्मदिन मना रहीं भूमि ने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों की हीरोइन बनेंगी. लेकिन मेहनत और किस्मत ने मिलकर उनकी जिंदगी बदल दी.
भूमि पेडनेकर ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से नहीं बल्कि यशराज फिल्म्स के कास्टिंग डिपार्टमेंट से की थी. वह करीब छह साल तक कास्टिंग असिस्टेंट के रूप में काम करती रहीं. इस दौरान उनका काम नए कलाकारों का ऑडिशन लेना और सही चेहरों की तलाश करना था. उस समय उनके मन में खुद फिल्मों में अभिनय करने का कोई खास विचार नहीं था. वह पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं.
साल 2015 में फिल्म दम लगा के हईशा के लिए संध्या के किरदार की तलाश चल रही थी. कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा की टीम सैकड़ों लड़कियों का ऑडिशन ले रही थी. भूमि भी उसी टीम का हिस्सा थीं और दिनभर ऑडिशन कराती थीं. इसी दौरान उन्हें भी उसी किरदार के लिए ऑडिशन देने का मौका मिला. दिन में वह दूसरी लड़कियों के टेस्ट लेती थीं और शाम को खुद कैमरे के सामने अभिनय करती थीं. आखिरकार मेकर्स ने संध्या के रोल के लिए भूमि को चुन लिया. यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ.
एक इंटरव्यू में भूमि ने बताया था कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वह खुद फिल्मों में अभिनय करेंगी. वह अपने काम में इतनी व्यस्त रहती थीं कि खुद को उस किरदार के लिए उपयुक्त मानने का ख्याल भी नहीं आया. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें इस बात की चिंता रहती थी कि कहीं उनके ऑडिशन देने से बाकी उम्मीदवारों के साथ किसी तरह का पक्षपात न हो जाए. इसी वजह से उन्होंने इस विषय पर कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा से भी खुलकर बात की थी.
दम लगा के हईशा में संध्या का किरदार निभाने के लिए भूमि पेडनेकर ने अपने शरीर में बड़ा बदलाव किया. उन्होंने इस रोल के लिए लगभग 32 से 40 किलो तक वजन बढ़ाया. फिल्म रिलीज होते ही दर्शकों और समीक्षकों ने उनके अभिनय की जमकर तारीफ की. पहली ही फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड भी मिला और वह रातोंरात चर्चा में आ गईं.