दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया है. दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया. अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है. बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ भूख हड़ताल पर थे. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी.
लगातार भूख हड़ताल के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया. शुक्रवार रात उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि उनके शरीर का करीब 20 प्रतिशत वजन कम हो चुका है. मांसपेशियां भी कमजोर पड़ गई हैं, लेकिन उनका हौसला और मानसिक स्थिति अभी भी मजबूत है.
#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk, who was sitting on a hunger strike from last 20 days at Jantar Mantar, taken to the hospital by the police.
— ANI (@ANI) July 18, 2026
More details awaited. pic.twitter.com/81DTO3cyh4
पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह पर उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें मेडिकल इलाज के लिए अस्पताल शिफ्ट किया गया है. सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
#WATCH | Delhi: Visuals from outside Safdarjung Hospital, where activist Sonam Wangchuk has been admitted. He is conscious, and his vitals are stable.
— ANI (@ANI) July 18, 2026
Activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar, was removed from the protest site by the Delhi Police… pic.twitter.com/ZpfvnhuEvq
वीडियो संदेश में वांगचुक ने देशवासियों से 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर प्याज की कीमतों पर सरकार जवाबदेह बनाई जा सकती है, तो छात्रों के भविष्य और NEET जैसी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए.उन्होंने दावा किया कि NEET विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए.