मुंबई: फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने हाल ही में रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर पर अपनी राय रखी है. उन्होंने फिल्म के बारे में ज्यादातर सकारात्मक बातें कहीं और इसे एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली सिनेमा अनुभव बताया है. हालांकि उन्होंने दो ऐसे पलों की ओर भी इशारा किया जो उन्हें निजी तौर पर पसंद नहीं आए.
अनुराग कश्यप ने अपने रिव्यू में साफ कहा कि धुरंधर की फिल्ममेकिंग उच्च स्तर की है. उन्होंने निर्देशन और तकनीकी पक्ष की तारीफ़ करते हुए कहा कि फिल्म का शिल्प बेहद मजबूत है. उनके अनुसार आदित्य धर ने इस फिल्म को बहुत ही सटीक तरीके से पेश किया है. उन्होंने यह भी माना कि परफॉर्मेंस के स्तर पर फिल्म काफी असरदार है.
अनुराग कश्यप की आपत्ति फिल्म की राजनीति से नहीं बल्कि सिर्फ दो खास पलों से थी. उनके अनुसार पहला वह सीन था जिसमें आर माधवन का किरदार एक खास वैचारिक डायलॉग बोलता है. दूसरा वह अंतिम हिस्सा था जहां रणवीर सिंह के किरदार के जरिए एक नए भारत का जिक्र किया जाता है. अनुराग का मानना था कि अगर इन दोनों डायलॉग्स को नजरअंदाज कर दिया जाए तो फिल्म और भी ज्यादा प्रभावशाली बन जाती है.
अनुराग कश्यप ने यह भी साफ किया कि उन्हें फिल्म के वैचारिक दायरे से कोई दिक्कत नहीं है. उनके अनुसार एक जासूस या सैनिक की कहानी में दुश्मन देश के खिलाफ संघर्ष और गुस्सा स्वाभाविक होता है. उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों में विचारधारा होना कोई नई बात नहीं है और यह कहानी की जरूरत का हिस्सा हो सकता है.
अनुराग कश्यप ने फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर के राजनीतिक नजरिए का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि धुरंधर में दिखाई गई राजनीति किसी मौके का फायदा उठाने वाली नहीं है बल्कि यह धर के निजी अनुभव और पृष्ठभूमि से आती है. अनुराग ने बताया कि वह आदित्य धर को उनकी नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म से जानते हैं और उनके नजरिए को ईमानदार मानते हैं.
अनुराग के अनुसार आदित्य धर एक कश्मीरी पंडित हैं जिन्होंने व्यक्तिगत दुख और संघर्ष देखा है. यही वजह है कि उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाली राजनीति सच्ची लगती है. उन्होंने कहा कि कोई भी दर्शक इस राजनीति से सहमत या असहमत हो सकता है. लेकिन इसे नकारा नहीं जा सकता कि यह एक सच्चे अनुभव से निकली हुई है.