नई दिल्ली: सितंबर में त्योहारों के कारण छात्रों को कई छुट्टियां मिल रही हैं. अब 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी, जिसे खासतौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस दिन उनके संस्थान खुले रहेंगे या छुट्टी होगी. इसका जवाब हर राज्य और संस्थान के नियम के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.
भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, शिल्प और औजारों से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए तकनीकी संस्थानों, कारखानों, स्कूलों की प्रयोगशालाओं और शिल्प से जुड़े संस्थानों में इस अवसर पर मशीनों और औजारों की पूजा की जाती है. 17 और 18 सितंबर के आसपास छुट्टी को लेकर स्थिति भी अलग-अलग है. ऐसे में अभिभावकों और छात्रों के लिए अपने स्कूल या कॉलेज की ओर से जारी सूचना देखना जरूरी है.
पश्चिम बंगाल में विश्वकर्मा पूजा बड़े स्तर पर मनाई जाती है. इस वर्ष 17 सितंबर गुरुवार और 18 सितंबर शुक्रवार को कई संस्थानों तथा राज्य सरकार की ओर से छुट्टी घोषित की गई है. इसके बाद 19 सितंबर शनिवार और 20 सितंबर रविवार का साप्ताहिक अवकाश है. ऐसे में कई स्कूल-कॉलेजों और सरकारी शिक्षण संस्थानों के छात्रों को लगातार चार दिनों का अवकाश मिल सकता है.
झारखंड सरकार के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर में 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के लिए सरकारी स्कूलों की छुट्टी दर्ज है. निजी स्कूलों में फैसला स्थानीय प्रबंधन के आधार पर हो सकता है. बिहार में 17 सितंबर को राज्य अवकाश कैलेंडर में प्रतिबंधित/ऐच्छिक अवकाश की श्रेणी में रखा गया है. इसलिए वहां छुट्टी का अंतिम निर्णय संबंधित जिला प्रशासन या स्कूल प्रबंधन के स्तर पर लिया जा सकता है.
उत्तर प्रदेश में विश्वकर्मा पूजा के लिए अनिवार्य राजकीय अवकाश घोषित नहीं है. हालांकि, कई तकनीकी विद्यालयों, आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेजों और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों में इस अवसर पर विशेष पूजा कार्यक्रम हो सकते हैं या स्थानीय स्तर पर छुट्टी दी जा सकती है. सामान्य प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई नियमित रूप से चल सकती है, जब तक जिला मजिस्ट्रेट की ओर से अलग आदेश जारी न हो.