उच्च शिक्षा के बाद रिसर्च को करियर बनाने वाले युवाओं के लिए IIT मद्रास ने बड़ा अवसर पेश किया है. संस्थान की Institute Post-Doctoral Fellowship के तहत योग्य शोधकर्ताओं को हर महीने 1.30 लाख रुपये तक मिलेंगे. इसके साथ रिसर्च खर्च, कॉन्फ्रेंस, मेडिकल सुविधाओं और छुट्टी से जुड़ी कई सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.
IIT मद्रास ने ऐसे शोधकर्ताओं के लिए Institute Post-Doctoral Fellowship यानी IPDF शुरू की है, जिन्होंने PhD पूरी कर ली है और आगे शोध के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं. इसका मकसद PhD और भविष्य में फैकल्टी पद हासिल करने के बीच मौजूद अंतर को कम करना है. संस्थान के मुताबिक इससे शोधकर्ताओं को बेहतर अवसर मिलेगा और IIT मद्रास के रिसर्च आउटपुट को भी बढ़ावा मिलेगा. फेलो के साथ फैकल्टी मेंटर की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की भी व्यवस्था है. फेलोशिप की आर्थिक मदद संस्थान के फंड और संबंधित फैकल्टी के रिसर्च प्रोजेक्ट फंड से दी जाएगी.
इस फेलोशिप के लिए PhD पूरी कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. डिग्री हासिल करने के पांच साल के भीतर आवेदन करना जरूरी है और नियुक्ति के समय उम्र अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए. SC, ST और महिला उम्मीदवारों को आयु सीमा में पांच साल, जबकि OBC-NCL उम्मीदवारों को तीन साल की छूट मिलेगी. जिन शोधार्थियों ने PhD थीसिस जमा कर दी है, वे भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन नियुक्ति के छह महीने के भीतर प्रोविजनल या PhD प्रमाणपत्र देना होगा. IIT मद्रास के मौजूदा PhD स्कॉलर्स को सामान्य तौर पर आवेदन के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता, हालांकि विशेष परिस्थितियों में अलग विभाग के लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.
IPDF के तहत फेलो को हर महीने कुल ₹1.30 लाख मिलेंगे. इसमें IIT मद्रास की ओर से ₹70,000 और संबंधित फैकल्टी के प्रोजेक्ट फंड से कम से कम ₹60,000 का टॉप-अप शामिल है. इसके अलावा हर साल ₹2 लाख की कंटीजेंसी ग्रांट दी जाएगी. इस राशि का इस्तेमाल रिसर्च, यात्रा और जरूरी सामग्री खरीदने में किया जा सकता है. फेलो को संस्थान में लागू मेडिकल सुविधा या इंश्योरेंस का लाभ भी मिलेगा. उपलब्ध फंड के आधार पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भाग लेने की अनुमति मिल सकती है. विभाग चाहे तो निर्धारित नियमों के तहत फेलो को गेस्ट फैकल्टी भी नियुक्त कर सकता है.
IPDF की न्यूनतम अवधि दो साल रखी गई है. हालांकि शुरुआत में फेलोशिप एक साल के लिए दी जाएगी. शोध कार्य की प्रगति और विभाग की Performance Assessment Committee की सिफारिश के आधार पर इसे आगे अधिकतम दो साल तक बढ़ाया जा सकता है. फेलो को हर साल फेलोशिप के साथ अधिकतम 30 दिन की छुट्टी मिल सकती है, जिसे छह-छह महीने के आधार पर प्रो-राटा तरीके से दिया जाएगा. महिला फेलो को निर्धारित शर्तों के तहत मातृत्व अवकाश की सुविधा भी मिलेगी. इसके लिए नियुक्ति के बाद कम से कम छह महीने की सेवा, अवकाश के बाद छह महीने की सेवा और आवश्यक मेडिकल प्रमाणपत्र की शर्त लागू होगी.