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क्या लाखों सरकारी शिक्षकों को TET से मिलेगी राहत? केंद्र सरकार ने कर दिया साफ

केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता जारी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और NCTE के नियमों के अनुसार फिलहाल किसी छूट का प्रस्ताव नहीं है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
क्या लाखों सरकारी शिक्षकों को TET से मिलेगी राहत? केंद्र सरकार ने कर दिया साफ
Courtesy: pinterest

देशभर के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. सरकार ने कहा है कि फिलहाल TET की अनिवार्यता समाप्त करने या शिक्षकों को इससे छूट देने की कोई योजना नहीं है. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने संसद में बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े सभी प्रावधान राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता के अनुरूप लागू रहेंगे. ऐसे में वर्तमान नियमों में किसी तरह के बदलाव का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी थी चर्चा

हाल के महीनों में TET को लेकर बहस उस समय तेज हुई, जब सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत कार्यरत उन शिक्षकों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है. अदालत ने कहा कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर TET पास करना होगा. बाद में समीक्षा याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राहत देते हुए परीक्षा उत्तीर्ण करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी. साथ ही राज्यों को हर वर्ष कम से कम दो बार TET आयोजित करने का प्रयास करने का निर्देश भी दिया.

छूट देने के सवाल पर सरकार ने क्या कहा?

संसद में सरकार से पूछा गया कि क्या लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत देने पर विचार किया जा रहा है. इस पर सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल मौजूद नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पात्र मामलों में TET केवल नियुक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि पदोन्नति (Promotion) के लिए भी आवश्यक है. इसलिए जिन शिक्षकों पर यह नियम लागू होता है, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी.

TET क्यों जरूरी और किन शिक्षकों पर लागू होगा नियम?

केंद्र सरकार के अनुसार TET का उद्देश्य स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति को बढ़ावा देना है. NCTE ने इसे शिक्षकों की न्यूनतम पात्रता का महत्वपूर्ण मानदंड बनाया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था मुख्य रूप से उन सेवारत शिक्षकों पर लागू होगी, जिनकी नियुक्ति RTE व्यवस्था लागू होने से पहले हुई थी और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी पांच वर्ष से अधिक समय बाकी है. वहीं जिन शिक्षकों की सेवा अवधि में पांच वर्ष या उससे कम समय शेष है, उन्हें इस अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है. इससे स्पष्ट है कि फिलहाल TET नियमों में किसी प्रकार की ढील मिलने की संभावना नहीं है.