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India Daily

भारतीय शेयर मार्केट में मंगलवार को क्यों आया 'अमंगल', जानें किन बड़ी वजह से निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपये?

भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली. आईटी शेयरों में बिकवाली, वैश्विक व्यापार तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव ने सेंसेक्स और निफ्टी को भारी नुकसान पहुंचाया.

Kanhaiya Kumar Jha
भारतीय शेयर मार्केट में मंगलवार को क्यों आया 'अमंगल', जानें किन बड़ी वजह से निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपये?
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई. कारोबारी सत्र के दूसरे हिस्से में बिकवाली का दबाव अचानक बढ़ा और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए. कमजोर आईटी शेयर, वैश्विक संकेतों में नरमी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ संबंधी बयानों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया.

बाजार गिरावट में सबसे बड़ा योगदान टेक्नोलॉजी शेयरों का रहा. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत टूट गया और इसके सभी शेयर नुकसान में बंद हुए. तिमाही नतीजों की कमजोर शुरुआत से मुनाफे में सुधार को लेकर चिंता बढ़ी है. खासकर आईटी जैसे निर्यात आधारित सेक्टर में सुस्ती के संकेत मिले हैं. निवेशक अब ऑटो सेक्टर के नतीजों से कुछ राहत की उम्मीद कर रहे हैं.

वैश्विक संकेतों ने बढ़ाई बेचैनी

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी नकारात्मक संकेत मिले. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी से वैश्विक व्यापार तनाव फिर उभर आया. एशिया प्रशांत बाजारों में कमजोरी दिखी और अमेरिकी शेयर वायदा भी फिसल गए. साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर पर पहुंचने से ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका बढ़ी.

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

शेयर बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना रहा. एफआईआई ने लगातार दसवें सत्र में शेयर बेचे और एक ही दिन में करीब 3,263 करोड़ रुपये की निकासी की. वैश्विक अनिश्चितता और भू राजनीतिक जोखिमों के चलते विदेशी निवेशक सतर्क नजर आए. घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कुछ खरीदारी जरूर की, लेकिन वह गिरावट को थामने के लिए पर्याप्त नहीं रही.

सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा रुझान

बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति साफ दिखी. निवेशक तेजी से सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़े, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार 4,700 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया. चांदी भी रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बनी रही. बढ़ते व्यापार तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने इस रुझान को मजबूत किया.

निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका

तेज गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई. एक ही दिन में करीब 9 लाख करोड़ रुपये का बाजार मूल्य साफ हो गया. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 456 लाख करोड़ रुपये रह गया. विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक टैरिफ विवाद और नीतिगत संकेतों पर स्पष्टता नहीं आती, बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है.