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India Daily

मिडिल ईस्ट संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने की जद्दोजहद, अब चांदी के आयात पर कड़े हुए नियम

सरकार को चिंता है कि सोने पर आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी के चलते लोग चांदी खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं. इसी संभावना को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
मिडिल ईस्ट संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने की जद्दोजहद, अब चांदी के आयात पर कड़े हुए नियम
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मिडिल ईस्ट संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर नई पाबंदियां लागू की हैं. चांदी की कई कैटेगरी को फ्री लिस्ट से हटाकर प्रतिबंधित कैटेगरी में डाल दिया गया है जिसका सीधा मतलब है कि अब इन कैटेगरी की चांदी का आयात करना पहले जितना आसान नहीं होगा और इसके लिए अतिरिक्त मंजूरी लेनी पड़ सकती है. सरकार ने कीमती धातुओं के बढ़ते आयात को कम करने और व्यापार घाटे को कम करने के मकसद से यह कदम उठाया है. इससे पहले सरकार सोने के आयात शुल्क में भी बढ़ोत्तरी कर चुकी है.

सोने की जगह चांदी खरीदने का बढ़ रहा चलन

सरकार को चिंता है कि सोने पर आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी के चलते लोग चांदी खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं. इसी संभावना को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है. हाल ही में सरकार ने सोने की इंपोर्ट ड्यूटी में 6% और चांदी की इंपोर्ट ड्यूटी में 15% की बढ़ोत्तरी की है. इसके बावजूद आशंका जताई जा रही  थी कि निवेशक सोने के मुकाबले सस्ती होने के चलते चांदी में खरीद बढ़ा सकते हैं.

संकट के बीच विदेशी मुद्रा बढ़ाने पर जोर

लंबे समय से जारी मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार विदेशी मुद्रा बचाने के हरसंभव प्रयास कर रही है. मध्य पूर्व संकट के निकट भविष्य में सुलझने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं जिसके चलते पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे पेट्रोलियम पदार्थों संयम के साथ इस्तेमाल करें और सोने की खरीद को साल भर के लिए बंद कर दें ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखा जा सके.

हालांकि सरकारी आंकड़ों की मानें तो अप्रैल महीने में गोल्ड और सिल्वर का आयात पहले ही करीब 30 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है. बढ़े हुए आयात शुल्क और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है. नई पाबंदियों के साथ अब चांदी के आयात और खरीद दोनों में गिरावट देखने को मिल सकती है.