देश में रुक-रुक कर लॉकडाउन की चर्चाएं सिर उठा रही है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस के बचत के आह्वान के साथ ही इस तरह की चर्चा शुरू हो गई थी. इससे लेकर सरकार को बार-बार स्पष्टीकरण देना पड़ रहा है. इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिज का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय में विपक्षियों को सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए लेकिन वे राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। किरेन रिजिजू ने कहा- मैं विपक्ष को संसद में जबाव देना चाहता हूं.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच दुनिया भर में एनर्जी संकट खड़ा हो गया है. भारत का इस तनाव से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन तेल और गैस का आयात प्रभावित होने से भारत को भी पश्चिम एशिया संकट का नुकसान उठाना पड़ रहा है. लॉकडाउन के सवाल पर किरेन रिजिजू ने कहा है कि अभी स्थिति इतनी बुरी नहीं है. सरकार लगातार स्थिति को संभालने का प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेल और गैस की बचत करने का आह्वान इसलिए किया तो स्थिति को ज्यादा बिगड़ने से रोका जा सके. उन्होंने कहा कि अभी देश में लॉकडाउन लगाने जैसी कोई स्थिति नहीं है.
किरेन रिजिजू ने कहा कि इस तरह के वैश्विक संकटों से बचने के लिए ही भारत सरकार पिछले 12 वर्षों से घरेलू उत्पादन पर जोर दे रही है ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो सके. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं, हालांकि तेल आयातक देशों में भारत अभी भी दुनिया में दूसरे नंबर पर बना हुआ है. ऐसी विपरीत परिस्थितियों में अपने नेता की बात सुननी चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए. उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए जब परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी, तब राजनीति कर लीजिएगा, अभी सरकार के साथ खड़े होने का समय है.