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डैशबोर्ड की ये लाइट्स कर रही हैं खतरे का इशारा, समय रहते नहीं समझे तो बढ़ सकता है नुकसान

कार के डैशबोर्ड पर जलने वाली वार्निंग लाइट्स सिर्फ संकेत नहीं बल्कि बड़ी खराबी की चेतावनी होती हैं. इन्हें नजरअंदाज करने से गाड़ी को गंभीर नुकसान और भारी खर्च का सामना करना पड़ सकता है.

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Edited By: Reepu Kumari
डैशबोर्ड की ये लाइट्स कर रही हैं खतरे का इशारा, समय रहते नहीं समझे तो बढ़ सकता है नुकसान
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: आज की कारें पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट हो चुकी हैं. इनमें लगे सेंसर किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को तुरंत पहचान लेते हैं और डैशबोर्ड पर संकेत के जरिए ड्राइवर को सतर्क करते हैं. फिलहाल जो देश में मौसम का हाल है उसे देखते हुए आपको और ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत है. 

लेकिन जानकारी के अभाव में कई लोग इन लाइट्स को नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही आगे चलकर महंगे रिपेयर और सुरक्षा जोखिम का कारण बनती है.

इंजन से जुड़ी चेतावनी का मतलब

डैशबोर्ड पर चेक इंजन लाइट जलना इस बात का संकेत है कि इंजन सिस्टम में कुछ गड़बड़ है. यह मामूली सेंसर समस्या से लेकर गंभीर तकनीकी खराबी तक हो सकती है. अगर यह लाइट लगातार जल रही है या ब्लिंक कर रही है, तो कार को तुरंत जांच के लिए सर्विस सेंटर ले जाना चाहिए.

ऑयल प्रेशर से होने वाला नुकसान

ऑयल प्रेशर वार्निंग लाइट इंजन में तेल की कमी या दबाव कम होने की जानकारी देती है. इंजन के पुर्जों को सही तरह से काम करने के लिए लुब्रिकेशन जरूरी होता है. इस लाइट को नजरअंदाज करने पर इंजन के अंदरूनी हिस्से खराब हो सकते हैं और इंजन सीज होने का खतरा बढ़ जाता है.

बैटरी और चार्जिंग सिस्टम का संकेत

बैटरी अलर्ट लाइट कार की बैटरी या चार्जिंग सिस्टम में समस्या का संकेत देती है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो कार अचानक बंद हो सकती है. खासकर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यह परेशानी और भी ज्यादा मुश्किल खड़ी कर सकती है.

इंजन ओवरहीट होने की चेतावनी

इंजन टेंपरेचर वार्निंग लाइट तब जलती है जब इंजन जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है. कूलेंट की कमी या रेडिएटर की खराबी इसकी वजह हो सकती है. ऐसी स्थिति में कार को तुरंत रोकना और इंजन को ठंडा करना जरूरी होता है.

ब्रेक और टायर से जुड़ी सुरक्षा

ABS और टायर प्रेशर वार्निंग लाइट सीधे वाहन की सुरक्षा से जुड़ी होती हैं. ABS लाइट जलने पर अचानक ब्रेक लगाने में गाड़ी असंतुलित हो सकती है. वहीं टायर प्रेशर कम होने से माइलेज घटता है और टायर फटने का खतरा बढ़ता है.