नई दिल्ली: भारत केवल आबादी के लिहाज से ही नहीं, बल्कि मोटरसाइकल बाजार के मामले में भी दुनिया में नंबर वन बन चुका है. रोजमर्रा की जरूरत से लेकर शौक तक, बाइक भारतीय सड़कों की पहचान है.
कम कीमत, बेहतर माइलेज और खराब सड़कों पर भी चलने की क्षमता ने भारत को टू-व्हीलर का सबसे बड़ा बाजार बना दिया है. यही वजह है कि भारत इस लिस्ट में पहले पायदान पर खड़ा है.
दुनिया के 10 सबसे बड़े मोटरसाइकल बाजारों की बात करें तो भारत पहले नंबर पर है. देश में कुल 221 मिलियन, यानी 22 करोड़ से ज्यादा बाइक्स हैं. यह आंकड़ा इंडोनेशिया और चीन जैसे देशों से भी काफी आगे है. भारत में बाइक सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि आम आदमी की जरूरत और कमाई का जरिया भी है, जिसने बाजार को लगातार बड़ा किया है.
दूसरे स्थान पर इंडोनेशिया है, जहां कुल 112 मिलियन मोटरसाइकल हैं. तीसरे नंबर पर चीन आता है, जहां करीब 85 मिलियन बाइक्स मौजूद हैं. आबादी ज्यादा होने के बावजूद चीन इस मामले में भारत से काफी पीछे है. इंडोनेशिया और चीन दोनों देशों में टू-व्हीलर का इस्तेमाल शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर होता है.
चौथे नंबर पर वियतनाम है, जहां 58 मिलियन मोटरसाइकल हैं. पांचवें स्थान पर पाकिस्तान है, जहां कुल 25 मिलियन बाइक्स दर्ज की गई हैं. छठे नंबर पर थाइलैंड है, जहां 21.6 मिलियन मोटरसाइकल हैं. यह साफ दिखाता है कि एशियाई देशों में बाइक परिवहन का सबसे बड़ा साधन बनी हुई है.
सातवें नंबर पर मलेशिया है, जहां 14.9 मिलियन मोटरसाइकल हैं. आठवें स्थान पर सऊदी अरब है, जहां 14.2 मिलियन बाइक्स हैं. नौवें नंबर पर ताइवान है, जहां करीब 14 मिलियन लोग बाइक का इस्तेमाल करते हैं. इन देशों में भी टू-व्हीलर का चलन तेजी से बढ़ा है.
दसवें नंबर पर ब्राजील है, जहां 12.9 मिलियन मोटरसाइकल दर्ज की गई हैं. साउथ अमेरिका में ब्राजील सबसे बड़ा बाइक बाजार माना जाता है. हालांकि, आंकड़ों के लिहाज से वह एशियाई देशों से पीछे है. इस पूरी लिस्ट से साफ है कि दुनिया के मोटरसाइकल बाजार पर एशिया का दबदबा बना हुआ है.