नई दिल्ली: देशभर में होली की तैयारियां जोरों पर हैं. 4 मार्च को मुख्य होली खेली जाएगी और रंग पंचमी तक यह उत्सव जारी रहेगा. लोग दोस्तों-परिवार के साथ रंग लगाते, खाते-पीते और पार्टी मनाते हैं. कई लोग शराब का सेवन कर मस्ती बढ़ाते हैं, लेकिन इसके बाद गाड़ी चलाना खतरनाक साबित होता है. ट्रैफिक पुलिस ने होली के मौके पर विशेष सतर्कता बरती है. आधी रात से ही चेकिंग शुरू कर दी गई है, ताकि कोई नशे में सड़क पर जान जोखिम में न डाले. यह सिर्फ नियम तोड़ने की बात नहीं, बल्कि खुद और दूसरों की सुरक्षा का सवाल है.
होली के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने कई राज्यों में एडवाइजरी जारी की है. लोग अक्सर नशे में ओवर स्पीड, सिग्नल तोड़ना, बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के चलना जैसी गलतियां करते हैं. पुलिस ब्रेथ एनालाइजर और स्पीड रडार गन से चेकिंग कर रही है. त्योहार के बावजूद कोई ढील नहीं बरती जा रही. इससे पहले भोपाल जैसे शहरों में भी पुलिस ने साफ कहा है कि नशे में ड्राइविंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब या ड्रग्स लेकर गाड़ी चलाना अपराध है. अगर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में 30 मिलीग्राम से ज्यादा अल्कोहल पाया गया तो पहली बार पकड़े जाने पर ₹10,000 तक जुर्माना और 6 महीने तक की जेल हो सकती है. दूसरी बार ₹15,000 तक चालान और 2 साल की सजा का प्रावधान है. कोर्ट तय करता है, लेकिन पुलिस वाहन जब्त कर कोर्ट में पेश करती है.
यह मशीन काफी सटीक होती है. इसमें पोटेशियम डाइक्रोमेट और सल्फ्यूरिक एसिड का घोल होता है. जब कोई शख्स फूंक मारता है और उसमें इथेनॉल होता है, तो यह ऑक्सीडाइज होकर इथेनॉइक एसिड बनाता है. इससे क्रोमियम सल्फेट बनता है, जो हरा रंग देता है. जितना ज्यादा अल्कोहल, उतना गहरा रंग और सिग्नल. मशीन इसी से मात्रा बताती है.
अगर कार आपके घर के गैरेज या निजी जगह पर खड़ी है, तो उसमें बैठकर पीना गैरकानूनी नहीं माना जाता. लेकिन सड़क किनारे, बस स्टैंड या पब्लिक जगह पर खड़ी कार में पीना भी दंडनीय है. ऐसे में भी ₹5,000 से ₹10,000 तक जुर्माना लग सकता है. राज्य के नियम थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन सावधानी बरतना बेहतर है.