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Chaitra Navratri 2026 Day 6: क्या पहनें और क्या चढ़ाएं? भक्त जान लें क्यों की जाती है मां कात्यायनी की पूजा

चैत्र नवरात्रि का छठा दिन, 24 मार्च 2026, देवी कात्यायनी को समर्पित है. यह लेख उनके महत्व, पूजा विधि, शुभ रंग और भोग के बारे में बताता है.

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Edited By: Reepu Kumari
Chaitra Navratri 2026 Day 6: क्या पहनें और क्या चढ़ाएं? भक्त जान लें क्यों की जाती है मां कात्यायनी की पूजा
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: नवरात्रि का छठा दिन उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है जो देवी से शक्ति और साहस की कामना करते हैं और जीवन में सुरक्षा और सुख के लिए उनका आशीर्वाद चाहते हैं. देवी कात्यायनी देवी का शक्तिशाली योद्धा अवतार हैं जो बाधाओं को दूर करती हैं और अपने भक्तों के जीवन में सकारात्मकता लाती हैं. आइए अब पूजा विधि, रंग और इस दिन के महत्व के बारे में विस्तार से समझते हैं.

देवी कात्यायनी का महत्व

देवी कात्यायनी को शक्ति और दृढ़ संकल्प की प्रतीक के रूप में भी पूजा जाता है. ऐसा माना जाता है कि देवी कात्यायनी ने बुरी शक्तियों से लड़ने के लिए इस रूप में प्रकट होना चुना. भक्त साहस, सफलता और भावनात्मक शक्ति के लिए उनका आशीर्वाद मांगते हैं. यह भी माना जाता है कि देवी कात्यायनी की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने में मदद मिलती है. यह दिन जीवन की बागडोर अपने हाथ में लेने और स्पष्टता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का प्रतीक भी है.

कात्यायनी पूजा विधि (पूजा कैसे करें)

सुबह जल्दी स्नान करके और साफ कपड़े पहनकर अपने दिन की शुरुआत करें. एक साफ वेदी पर देवी कात्यायनी की मूर्ति स्थापित करें. उन्हें फूल, विशेषकर पीले या लाल फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. एक दीया और अगरबत्ती जलाएं और श्रद्धापूर्वक देवी के मंत्र का जाप करें. इस दिन शहद या शहद से बनी मिठाई चढ़ाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है.

नवरात्रि के छठे दिन के रंग

नवरात्रि के छठे दिन का शुभ रंग लाल है. लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, और ये सभी गुण देवी कात्यायनी में पाए जाते हैं. माना जाता है कि यह रंग जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास लाता है.

नवरात्रि के छठे दिन भोग अर्पित करना

भक्त देवी कात्यायनी को शहद या शहद से बने व्यंजन अर्पित करते हैं. ऐसा माना जाता है कि देवी कात्यायनी को यह अर्पण जीवन में मिठास लाता है.

नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा करना केवल अनुष्ठान करना ही नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में आंतरिक शक्ति की खोज करने का भी एक माध्यम है. नवरात्रि का त्योहार जारी है और छठा दिन लोगों को जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना करने के लिए प्रेरित करता है.

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.