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असम विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी ने जारी किया चुनावी घोषणापत्र, अगले पांच वर्षों में दो लाख नौकरियों का वादा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2026 के असम चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में भूमि, विरासत और स्वदेशी लोगों की गरिमा की रक्षा का वादा किया गया है.

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Edited By: Reepu Kumari
असम विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी ने जारी किया चुनावी घोषणापत्र, अगले पांच वर्षों में दो लाख नौकरियों का वादा
Courtesy: @BJP4India

गुवाहाटी: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बीजेपी का संकल्प पत्र जारी किया. इसमें विकास, कल्याण, युवा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और असमिया पहचान एवं स्वदेशी समुदायों के संरक्षण के लिए पार्टी के प्रमुख वादों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है. इस अवसर पर सरबानंदा सोनोवाल, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य उपस्थित थे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2026 के असम चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में भूमि, विरासत और स्वदेशी लोगों की गरिमा के संरक्षण का वादा किया गया है.

बीजेपी का संकल्प पत्र जारी

आज मंगलवार को बीजेपी का संकल्प पत्र जारी हो गया है.

दो लाख नौकरियों का वादा 

सरमा ने कहा, असम में यूसीसी लागू करेंगे और दो लाख नौकरियां देंगे. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और दो लाख नौकरियों का वादा किया. मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम छठी अनुसूची और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को छोड़कर पूरे असम में यूसीसी लागू करेंगे. हम लव जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाएंगे.'

वो आगे कहते हैं कि 'हम असम को बाढ़ मुक्त बनाने का प्रयास करेंगे और पहले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे. अगले 5 वर्षों में हम 2 लाख नौकरियां प्रदान करेंगे. हम एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय और एक इंजीनियरिंग कॉलेज बनाना चाहते हैं.'

'सुरक्षित असम, विकसित असम' 

सैकिया ने कहा 'असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य 'सुरक्षित असम, विकसित असम' बनाना है '2026 का चुनाव असम की जनता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. भाजपा इस चुनाव में एक सुरक्षित असम बनाने के उद्देश्य से चुनाव लड़ रही है. हम इस चुनाव के लिए तैयार हैं. हमारा संकल्प एक सुरक्षित असम और एक विकसित असम बनाना है. संकल्प पत्र तैयार करने के लिए हमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से 24.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं'.

घोषणापत्र एक दशक की उपलब्धियों पर आधारित है: सीतारमण 

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 'यह घोषणापत्र एक दशक की उपलब्धियों पर आधारित है... मैं एक ऐसे राज्य को देखती हूं जो उन तरीकों से परिवर्तित हुआ है जो कांग्रेस के 6 दशकों के शासन में कभी हासिल नहीं किए जा सकते थे...'

वित्त मंत्री का कांग्रेस पर निशाना 

विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करने के बाद वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण असम 32 वर्षों तक एएफएसपीए के तहत रहा और उन्होंने कहा कि असम में शांति बहाल होना और विकास तभी संभव है जब स्थिरता हो. सीतारामन का कहना है कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान नहीं दिया. 

'बीजेपी ने राज्य में किया विकास काम'

निर्मला सीतारमण ने कहा, 'भाजपा शासन के दौरान राज्य में अवसरों में वृद्धि होने से असम के युवा वापस असम लौट रहे हैं.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान नहीं दिया और भाजपा का घोषणापत्र असम के एक दशक के परिवर्तन पर आधारित है, जिसे कांग्रेस 60 वर्षों में भी हासिल नहीं कर पाई.

उन्होंने कहा कि भाजपा के 'संकल्प पत्र' में 31 बिंदु हैं और उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर का 77 बार दौरा किया और असम से प्रधानमंत्री बने कांग्रेस सांसद ने शायद 10 से अधिक बार दौरा नहीं किया.

10 साल में कितना बदला असम?

असम राज्यों में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. उन्होंने कहा 'आज भाजपा असम की जनता के सामने अपना संकल्प पत्र रख रही है, जो किसी भी चुनाव से पहले जारी किया जाने वाला घोषणापत्र है. लेकिन घोषणापत्र में दिए गए विवरणों और वादों के बारे में बोलने से पहले, मैं उन कार्यों के बारे में बात करना चाहती हूं जो हमने अब तक किए हैं. क्योंकि यह घोषणापत्र पिछले एक दशक के कार्यों पर आधारित है...'

वो आगे कहती हैं कि 'राजकोषीय हस्तांतरण, निवेश के आंकड़े, विकास के आंकड़े - इन सब को देखते हुए, मैं एक ऐसे राज्य को देखती हूं जो 10 वर्षों में इस तरह से परिवर्तित हुआ है कि कांग्रेस के छह दशकों के शासनकाल में ऐसा संभव नहीं हो पाया था. असम ने पिछले 10 वर्षों में इस तरह की उपलब्धि हासिल की है. असम देश के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं वाले राज्यों में से एक है; प्रति व्यक्ति आय में 4 वर्षों में 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई है'.

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