नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने एक ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर यानी TTE को सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद की गई, जिसमें TTE कथित तौर पर वंदे भारत एक्सप्रेस का टिकट तय किराए से कम दाम पर देते हुए दिखाई दे रहे थे. यह विवाद तब शुरू हुआ जब X पर एक वीडियो क्लिप शेयर किया गया.
इस क्लिप में रेलवे अधिकारी कथित तौर पर ट्रेन के कोच के अंदर एक यात्री के साथ टिकट को लेकर मोलभाव करते हुए दिखाई दे रहे थे. वीडियो के अनुसार TTE ने यात्री को ₹380 में सीट दिलाने का प्रस्ताव दिया, जबकि उस यात्रा का आधिकारिक किराया कथित तौर पर ₹700 के करीब था.
Vande Bharat ₹750 ticket was being arranged by the TTE for just ₹380.⁰
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) May 12, 2026
This guy records it and made it viral😭 pic.twitter.com/hjHH35rPAC
बातचीत के दौरान अधिकारी को कथित तौर पर यात्री से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि इस तरह का अनुरोध अनुमति योग्य नहीं है. यह बात स्वीकार करने के बावजूद, उन्होंने यात्री को टिकट बुकिंग के नियमित तरीकों से जाने की सलाह देने के बजाय कथित तौर पर कम पैसे में यात्रा कराने का प्रस्ताव दिया.
यह वीडियो देखते ही देखते ऑनलाइन वायरल हो गया और लोगों में भारी गुस्सा भड़क उठा. इसके बाद रेलवे अधिकारियों, जिनमें 'रेलवे सेवा' और दानापुर मंडल के DRM शामिल हैं, उसको इस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी. लोगों की कड़ी आलोचना और विरोध के बाद, TTE को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. उन पर ट्रेन के अंदर टिकट जारी करने में कथित तौर पर अनियमितता बरतने और पारदर्शिता की कमी का आरोप है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है.
इस घटना पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. जहां कई यूज़र्स ने कथित भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की कड़ी आलोचना की, वहीं कुछ अन्य लोगों ने व्यंग्य करते हुए इस तरह के समझौतों को रेलवे के पुराने तौर-तरीकों की याद दिलाने वाला बताया. कुछ यूजर्स ने तो यहां तक कह दिया कि TTE तो बस यात्री की मदद ही कर रहे थे.
भारतीय रेलवे के पास टिकट बुकिंग और किराया वसूली को लेकर सख्त दिशा-निर्देश हैं. हालांकि TTE को कुछ विशेष परिस्थितियों में जैसे कि वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को सीट देने या खाली सीटों का आवंटन करने के लिए ट्रेन के अंदर टिकट जारी करने का अधिकार होता है लेकिन निर्धारित प्रक्रियाओं या किराए की संरचना से किसी भी तरह का विचलन एक गंभीर उल्लंघन माना जाता है.