गोवा: बागा बीच पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब पैरासेलिंग के दौरान हवा में उड़ रहे एक पर्यटक की केबल अचानक टूट गई. इस घटना में पर्यटक समुद्र में गिर गया, लेकिन मौके पर मौजूद बोट क्रू ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी जान बचा ली. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं.
जानकारी के अनुसार यह घटना सोमवार को हुई जब पर्यटक पैरासेलिंग का आनंद ले रहा था. अचानक बीच हवा में केबल टूट गई, जिससे संतुलन बिगड़ गया और पर्यटक सीधे समुद्र में गिर पड़ा. राहत की बात यह रही कि बोट पर मौजूद कर्मचारियों ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कुछ ही मिनटों में पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
Is a 5-minute thrill worth your life? 🛶❌
— Dipak (@Rohit51388267) March 30, 2026
Cheap parasailing packages in Goa are hiding a deadly reality: frayed ropes, untrained staff, and zero rescue protocols. The latest accident at Baga shows exactly why "budget" adventure sports are a gamble you shouldn't take.
Stop… pic.twitter.com/uxkEzAeUtO
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोवा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि केबल टूटने की वजह क्या थी और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई. अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना ने एक बार फिर देश में एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है. पिछले कुछ समय में ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों की जान भी गई है. अक्टूबर 2025 में Tehri Lake में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण के दौरान एक युवक झील में गिर गया था, हालांकि उसे बचा लिया गया था.
इसी तरह जुलाई 2025 में Indrunag में एक पर्यटक की पैराग्लाइडिंग के दौरान मौत हो गई थी, जब टेकऑफ के समय ग्लाइडर सही तरीके से उड़ान नहीं भर पाया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में पायलट भी घायल हुआ था.
जनवरी 2025 में गोवा के केरी इलाके में एक और दर्दनाक हादसा हुआ था, जहां पैराग्लाइडिंग के दौरान एक महिला और उसके इंस्ट्रक्टर की मौत हो गई थी. दोनों क्लिफ से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद खाई में गिर गए थे.
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि एडवेंचर स्पोर्ट्स ऑपरेटरों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए. उपकरणों की नियमित जांच, प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है.